Iran Israel News: ईरान ने बंद किया होर्मुज का रास्ता, इसराइल के लेबनान पर हमले के बाद तेल सप्लाई पर संकट गहराया.
ईरान और इसराइल के बीच जारी तनाव अब एक बेहद खतरनाक मोड़ पर पहुंच गया है। ईरानी सरकारी मीडिया के मुताबिक ईरान ने दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री रास्तों में से एक होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को पूरी तरह बंद कर दिया है। यह फैसला लेबनान पर इसराइल के बड़े हवाई हमलों के जवाब में लिया गया है जिसमें 180 से ज्यादा लोगों के मारे जाने की खबर है। इस घटना के बाद पूरी दुनिया में कच्चे तेल की सप्लाई और कीमतों को लेकर खलबली मच गई है क्योंकि दुनिया का 20 प्रतिशत तेल इसी रास्ते से होकर गुजरता है।
ईरान ने यह बड़ा फैसला क्यों लिया और अब वहां के क्या हालात हैं?
ईरान के इस फैसले का सीधा संबंध लेबनान में इसराइल की सैन्य कार्रवाई से है जिसे इसराइल ने ‘ऑपरेशन इटरनल डार्कनेस’ का नाम दिया है। इस हमले में सैकड़ों लोग घायल हुए हैं और भारी तबाही हुई है। ईरान की सरकारी न्यूज़ एजेंसी प्रेस टीवी ने बताया कि अब इस रास्ते से किसी भी तेल टैंकर को जाने की इजाजत नहीं दी जा रही है। हालांकि कुछ ईरानी मीडिया रिपोर्ट्स में यह भी कहा गया है कि कुछ ‘सुरक्षित रास्तों’ से जहाजों को निकलने दिया जाएगा लेकिन इसके लिए ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) से तालमेल करना जरूरी होगा। इस अनिश्चितता की वजह से कई जहाज बीच रास्ते से वापस लौट रहे हैं।
अमेरिका और इसराइल की इस पर क्या प्रतिक्रिया है?
- व्हाइट हाउस ने ईरान की इन खबरों को गलत बताया है और कहा है कि समुद्र में जहाजों की आवाजाही अभी भी जारी है।
- अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को जानकारी दी गई है कि होर्मुज में ट्रैफिक पहले के मुकाबले थोड़ा बढ़ा ही है।
- पाकिस्तान ने अमेरिका और ईरान के बीच एक युद्धविराम की कोशिश की थी लेकिन इसराइली हमलों के बाद वह समझौता खतरे में पड़ गया है।
- इसराइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने स्पष्ट किया है कि लेबनान में हिजबुल्लाह के खिलाफ उनके हमले जारी रहेंगे और सीजफायर उन पर लागू नहीं होता।
- संयुक्त राष्ट्र की एजेंसी के मुताबिक पहले इस रास्ते से रोज 150 जहाज गुजरते थे जिनकी संख्या अब घटकर मात्र 4 से 5 रह गई है।
विवाद से जुड़ी कुछ मुख्य जानकारियां इस टेबल में देखें
| मुख्य बिंदु | जानकारी |
|---|---|
| मौतों की संख्या | लेबनान में 180 से 250 के बीच मौतें रिपोर्ट हुई हैं |
| तेल सप्लाई का महत्व | दुनिया का 20% कच्चा तेल इसी रास्ते से जाता है |
| मध्यस्थता करने वाला देश | पाकिस्तान (US और ईरान के बीच) |
| अमेरिकी दावा | होर्मुज जलडमरूमध्य बंद नहीं हुआ है, खबरें गलत हैं |
| अगली बातचीत | इस्लामाबाद में 10 अप्रैल को अगली बैठक हो सकती है |




