तेल के लिए दुनिया के सबसे जरूरी रास्ते ‘Strait of Hormuz’ में भारी उथल-पुथल मची हुई है. एक तरफ अमेरिका और ईरान के बीच समझौता हुआ तो दूसरी तरफ ईरान ने फिर से इस रास्ते को बंद करने का ऐलान कर दिया है. इस वजह से दुनिया भर के तेल बाजारों और शिपिंग कंपनियों में बेचैनी बढ़ गई है.
ℹ️: UAE सरकार का फैसला, अब केवल 1,000 दिरहम से निवेश कर सकेंगे नागरिक और निवासी।
समझौते के बाद खुला रास्ता और जहाजों की आवाजाही
17 जून 2026 को अमेरिका और ईरान के बीच एक समझौता (MoU) हुआ था, जो 18 जून से लागू हुआ. इस समझौते के तहत ईरान को रास्ता खोलना था और अमेरिका को अपनी नौसेना की नाकेबंदी खत्म करनी थी. 18 जून को अमेरिका ने ईरानी बंदरगाहों की नाकेबंदी हटा ली और Joint Maritime Information Center (JMIC) ने खतरे के स्तर को ‘Moderate’ कर दिया.
इस दिन करीब 25 कमर्शियल जहाजों ने रास्ता पार किया, जो अप्रैल के बाद सबसे ज्यादा था. इसमें तीन सऊदी अरब के बड़े टैंकर भी शामिल थे, जिनमें करीब 60 लाख बैरल कच्चा तेल था. इसके बाद 19 जून को इराक, जापान और भारत जाने वाले टैंकरों की आवाजाही बढ़ी. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बताया कि अमेरिका ने चुपके से 87 तेल टैंकरों को ईरान की नजरों से बचाकर यहाँ से निकाला.
ईरान ने फिर बंद किया रास्ता, नए नियम लागू
हालाँकि, यह शांति ज्यादा समय तक नहीं चली. 20 जून को ईरान ने ऐलान किया कि उसने Strait of Hormuz को फिर से बंद कर दिया है. ईरान का कहना है कि अमेरिका और इसराइल ने समझौते की शर्तों को तोड़ा है. इसके साथ ही ईरान की Persian Gulf Strait Authority (PGSA) ने उत्तरी रास्ते के लिए नए नियम बना दिए हैं. अब जहाजों को परमिट लेना होगा और उन्हें 48 घंटे तक इंतज़ार करना पड़ेगा.
सुरक्षित रास्ता और अधिकारियों के बयान
इस तनाव के बीच JMIC ने ओमान के समुद्री इलाके से गुजरने वाले दक्षिणी रास्ते के लिए नई गाइडलाइन जारी की है. यहाँ से जहाज कभी भी गुजर सकते हैं. अंतरराष्ट्रीय समुद्री संगठन (IMO) के महासचिव ने अमेरिका-ईरान समझौते का स्वागत किया था ताकि शांति बहाल हो सके.
- अमेरिकी रक्षा सचिव Pete Hegseth ने बताया कि ‘Project Freedom’ के जरिए 12.5 करोड़ बैरल तेल यहाँ से निकाला गया.
- ऊर्जा सचिव Chris Wright के मुताबिक, अमेरिकी सेना रोजाना करीब 70 लाख बैरल तेल बाहर भेजने में मदद कर रही है.
- समुद्र में अभी भी माइन्स (बारूदी सुरंगें) का खतरा है, जिन्हें हटाने में 40 से 50 दिन लग सकते हैं.