ईरान ने इसराइल द्वारा लेबनान पर किए गए हमलों के जवाब में Strait of Hormuz को बंद करने का ऐलान किया है. इस फैसले की वजह से इस महत्वपूर्ण समुद्री रास्ते से गुजरने वाले जहाजों की संख्या में अचानक बड़ी गिरावट आई है. रविवार को यहाँ जहाजों की आवाजाही बहुत कम रही और कई जहाजों ने अपनी लोकेशन ट्रैक करना बंद कर दिया.

ईरान की मिलिट्री कमांड और IRGC Navy ने शनिवार, 20 जून 2026 को इस जलमार्ग को बंद करने की घोषणा की. ईरान का कहना है कि यह कदम अमेरिका द्वारा सीजफायर समझौते के उल्लंघन और लेबनान में इसराइल के हमलों का जवाब है. ईरान ने साफ़ किया है कि अब जहाजों को इस रास्ते से गुजरने के लिए उसकी अनुमति लेनी होगी.

दूसरी तरफ, अमेरिका की US Central Command (CENTCOM) ने इस दावे को नकारा है. अमेरिका के मुताबिक, यह अंतरराष्ट्रीय रास्ता पूरी तरह खुला है और शनिवार को 55 मर्चेंट शिप यहाँ से गुजरे, जिनमें 17 मिलियन बैरल से ज्यादा तेल था.

जहाजों की संख्या में आई कमी

मैरीटाइम ट्रैकिंग कंपनियों के डेटा से पता चला है कि रविवार, 21 जून को शिपिंग ट्रैफिक बहुत कम हो गया. Windward के मुताबिक रविवार को केवल 12 जहाज गुजरे, जबकि शनिवार को यह संख्या 21 से ज्यादा थी. वहीं Kpler के डेटा में यह गिरावट और भी ज्यादा दिखी, जहाँ केवल 5 जहाजों के गुजरने की जानकारी मिली.

  • Windward डेटा: रविवार को 12 जहाज गुजरे, जबकि शनिवार को संख्या 21 से अधिक थी.
  • Kpler डेटा: रविवार को केवल 5 जहाज गुजरे, जबकि शनिवार को 26 जहाज थे.
  • जहाजों की स्थिति: कई आने वाले जहाजों ने अपने AIS सिग्नल बंद कर दिए थे.

इस तनाव के बीच अमेरिका और ईरान के बीच स्विट्जरलैंड में तकनीकी स्तर की शांति वार्ता चल रही है, जिसमें पाकिस्तान और कतर मध्यस्थ की भूमिका निभा रहे हैं. वहीं, सावधानी बरतते हुए Abu Dhabi National Oil Co और Kuwait Petroleum Corp ने तेल लोड करने के लिए Strait of Hormuz के बाहर के विकल्प देना शुरू कर दिया है.

Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.