Strait of Hormuz को लेकर ईरान और यूरोपीय संघ (EU) के बीच विवाद गहरा गया है। ईरान ने कहा है कि इस समुद्री रास्ते से बिना शर्त जहाजों का गुज़रना अब सिर्फ एक कल्पना है। ईरान ने EU पर पाखंड का आरोप लगाया है और अमेरिकी सेना की मौजूदगी के कारण इस रास्ते को बंद करने का फैसला किया है।

ईरान ने यूरोपीय संघ (EU) को क्यों फटकारा?

ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता Esmail Baghaei ने EU की विदेश नीति प्रमुख Kaja Kallas के बयानों का कड़ा जवाब दिया। उन्होंने कहा कि EU अंतरराष्ट्रीय कानून की बातें तो करता है लेकिन अमेरिका और इसराइल की आक्रामक हरकतों पर चुप रहता है। ईरान का कहना है कि जब तक अमेरिकी सैन्य ताकतें इस क्षेत्र में मौजूद हैं, तब तक अंतरराष्ट्रीय कानून की बातें करना सिर्फ दिखावा है।

जहाजों की आवाजाही और भारत पर क्या असर हुआ?

IRGC ने 18 अप्रैल 2026 को Strait of Hormuz को बंद करने का ऐलान किया। इस तनाव के बीच ईरानी गनबोट्स ने एक टैंकर पर फायरिंग की और एक Indian-flagged जहाज पर भी हमला हुआ। ईरान ने साफ किया है कि जब तक अमेरिका ईरानी बंदरगाहों की नाकेबंदी (blockade) खत्म नहीं करता, तब तक यह समुद्री रास्ता बंद रहेगा और नियमों का उल्लंघन करने वाले जहाजों को निशाना बनाया जाएगा।

संबंधित पक्ष मुख्य बयान/कार्रवाई
ईरान (Esmail Baghaei) EU को पाखंडी बताया और बिना शर्त पारगमन को कल्पना कहा
यूरोपीय संघ (Kaja Kallas) कहा कि समुद्री रास्ता अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत खुला रहना चाहिए
अमेरिका (Donald Trump) ईरानी बंदरगाहों की नाकेबंदी जारी रखने का फैसला किया
IRGC (ईरान) 18 अप्रैल 2026 को Strait of Hormuz को बंद कर दिया
Mohammad Bagher Ghalibaf चेतावनी दी कि रास्ता ईरान के नियंत्रण में है
Saeed Khatibzadeh सुरक्षा कारणों से नए नियमों के लागू होने का संकेत दिया
समुद्री घटना एक Indian-flagged जहाज और एक टैंकर पर हमला हुआ
Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.