ईरान और अमेरिका के बीच तनाव अब बेहद खतरनाक स्तर पर पहुंच गया है। ईरान के सरकारी टेलीविजन और सैन्य अधिकारियों ने 10 जून 2026 को ऐलान किया कि रणनीतिक रूप से सबसे महत्वपूर्ण होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को सभी प्रकार के जहाजों और तेल टैंकरों के लिए पूरी तरह से बंद कर दिया गया है। ईरान की सेना ने खुली चेतावनी दी है कि इस समुद्री रास्ते से गुजरने वाले किसी भी जहाज को सीधे निशाना बनाया जाएगा। इस फैसले के तुरंत बाद अमेरिकी सेना ने ईरान पर कई हवाई हमले किए हैं जिससे पूरे क्षेत्र में युद्ध की स्थिति बन गई है।

ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट को बंद करने का क्यों लिया फैसला?

ईरान के शीर्ष संयुक्त सैन्य कमान ‘खातम अल-अंबिया सेंट्रल हेडक्वार्टर्स’ ने इस बंदी की घोषणा की है। ईरान का कहना है कि इस समुद्री क्षेत्र में असुरक्षा काफी बढ़ गई है, इसलिए सुरक्षा कारणों से इसे बंद किया जा रहा है। ईरान ने अमेरिका के उस दावे को पूरी तरह खारिज कर दिया जिसमें जहाजों के लिए सुरक्षित मार्ग की बात कही गई थी। ईरान की इस घोषणा के तुरंत बाद आईआरजीसी (IRGC) नौसेना ने आदेश का उल्लंघन करने वाले दो जहाजों पर हमला भी कर दिया, जिससे तनाव और बढ़ गया है।

अमेरिका की जवाबी कार्रवाई और हवाई हमले

ईरान के इस कदम के बाद अमेरिका ने कड़ा रुख अपनाया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और रक्षा सचिव पीट हेगसेथ के आदेश पर अमेरिकी सेना ने 10 जून 2026 की शाम को ईरान के कई ठिकानों पर भारी हवाई हमले किए। इसके बाद 11 जून की सुबह दक्षिणी ईरान में तेज धमाकों की आवाजें सुनी गईं। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने ओमान की खाड़ी में एक पलाऊ-ध्वज वाले तेल टैंकर पर भी कार्रवाई की, जो अमेरिकी प्रतिबंधों का उल्लंघन कर ईरानी तेल ले जा रहा था।

संयुक्त राष्ट्र ने दी पश्चिम एशिया में पूर्ण युद्ध की चेतावनी

इस बड़े सैन्य तनाव को देखते हुए दुनिया भर के देश चिंता में हैं। संयुक्त राष्ट्र के महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने 10 जून 2026 को चेतावनी जारी करते हुए कहा कि दोनों देशों के बीच हो रहे ये हमले पूरे पश्चिम एशिया को एक पूर्ण युद्ध की ओर धकेल सकते हैं। वहीं दूसरी तरफ, यूरोपीय संघ ने भी समुद्री सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए ईरान के खिलाफ नए और कड़े प्रतिबंधों को मंजूरी दी है।

Frequently Asked Questions (FAQs)

होर्मुज स्ट्रेट बंद होने से दुनिया पर क्या असर होगा?

होर्मुज स्ट्रेट दुनिया का सबसे प्रमुख तेल मार्ग है जहां से वैश्विक तेल का एक बड़ा हिस्सा गुजरता है। इसके बंद होने से अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की भारी किल्लत हो सकती है और तेल की कीमतें तेजी से बढ़ सकती हैं।

अमेरिका ने इस संकट पर क्या प्रतिक्रिया दी है?

अमेरिका ने ईरान के इस फैसले को चुनौती दी है और ईरान पर कई हवाई हमले किए हैं। राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा है कि अमेरिकी सेना क्षेत्र में जहाजों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सैन्य कार्रवाई जारी रखेगी।