ईरान ने शनिवार, 18 अप्रैल 2026 को फिर से Strait of Hormuz को बंद कर दिया है। शुक्रवार को यह रास्ता कुछ समय के लिए खोला गया था, लेकिन अब IRGC ने इसे फिर से अपने सख्त कंट्रोल में ले लिया है। अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव की वजह से अब इस समुद्री रास्ते पर फिर से पाबंदी लगा दी गई है।
ईरान ने रास्ता क्यों बंद किया और अब क्या नियम हैं?
ईरान का कहना है कि अमेरिका ने अपने वादों को तोड़ा है और उनके बंदरगाहों की नौसैनिक नाकेबंदी की है, जिसे ईरान समुद्री डकैती बता रहा है। ईरान के संसदीय स्पीकर मोहम्मद बागेर गालिबाफ ने कहा कि जब तक अमेरिकी नाकेबंदी जारी रहेगी, यह रास्ता खुला नहीं रहेगा। अब यहाँ से गुजरने वाले सभी जहाजों को ईरान से अनुमति लेनी होगी और बताए गए रास्ते पर ही चलना होगा।
अमेरिका और इसराइल की इस पर क्या प्रतिक्रिया है?
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने साफ कर दिया है कि जब तक ईरान के साथ परमाणु कार्यक्रम समेत एक पूरा समझौता नहीं हो जाता, तब तक नौसेना की नाकेबंदी जारी रहेगी। वहीं, Israeli Army Radio ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि Strait of Hormuz को इस तरह बार-बार बंद और खोलना यह बताता है कि ईरान के बड़े नेताओं के बीच आपसी तालमेल की कमी और कंफ्यूजन है।
| तारीख/पक्ष | मुख्य जानकारी |
|---|---|
| 17 अप्रैल | विदेश मंत्री अब्बास अराक्ची ने रास्ता पूरी तरह खोला था |
| 18 अप्रैल | IRGC ने रास्ता फिर से बंद कर सख्त कंट्रोल लागू किया |
| ईरान का आरोप | अमेरिका ने वादों का उल्लंघन किया और बंदरगाह रोके |
| डोनाल्ड ट्रंप | परमाणु डील होने तक नाकेबंदी जारी रखने का ऐलान |
| इसराइल रेडियो | ईरानी नेतृत्व में कंफ्यूजन की बात कही |
| पाकिस्तान | अमेरिका और ईरान के बीच मध्यस्थ की भूमिका निभाई |
| कारण | इसराइल-लेबनान युद्ध विराम के बीच अमेरिकी विवाद |
