ईरान और अमेरिका के बीच तनाव अब चरम पर पहुँच गया है। ईरान के नेवल कमांडर शाहराम ईरानी ने ऐलान किया है कि उन्होंने अरब सागर की तरफ से Strait of Hormuz को बंद कर दिया है। उन्होंने साफ तौर पर चेतावनी दी कि अगर अमेरिकी सेना ने आगे बढ़ने की कोशिश की तो ईरान तुरंत और सख्त कार्रवाई करेगा।

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ईरान और अमेरिका के बीच विवाद की मुख्य बातें क्या हैं?

ईरान के रियर एडमिरल शाहराम ईरानी ने बुधवार, 29 अप्रैल 2026 को बयान दिया कि अमेरिका को यह गलतफहमी है कि ईरान के खिलाफ युद्ध जल्दी खत्म हो जाएगा। उन्होंने कहा कि ऐसी बातें अब मिलिट्री यूनिवर्सिटी में मजाक बन चुकी हैं। दूसरी तरफ, अमेरिका ने भी 13 अप्रैल 2026 से ईरान के बंदरगाहों की घेराबंदी कर रखी है। US Central Command के मुताबिक, इस नाकेबंदी की वजह से 41 जहाजों का रास्ता बदलना पड़ा और ईरान लगभग 6 अरब डॉलर का तेल नहीं बेच पाया।

शिपिंग और वैश्विक व्यापार पर क्या असर पड़ा है?

Strait of Hormuz के बंद होने से दुनिया भर के व्यापार में भारी रुकावट आई है। डेटा के मुताबिक, जहाँ पहले सैकड़ों जहाज गुजरते थे, अब 24 घंटे में केवल 6 से 14 कमर्शियल जहाज ही यहाँ से निकल पा रहे हैं। अमेरिकी युद्ध सचिव Pete Hegseth ने कांग्रेस को बताया कि इस पूरे संघर्ष की वजह से अमेरिका को अब तक करीब 25 अरब डॉलर का नुकसान हुआ है। अंतरराष्ट्रीय नियमों के अनुसार, इस जलमार्ग को बंद करना UN Convention on the Law of the Sea का उल्लंघन माना जा रहा है।

क्या शांति का कोई रास्ता खुला है?

ईरान ने एक प्रस्ताव दिया था कि अगर अमेरिका अपनी नाकेबंदी खत्म कर दे, तो वह Strait of Hormuz को फिर से खोल देगा। हालांकि, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस प्रस्ताव को ठुकरा दिया। ट्रंप का कहना है कि ईरान को पहले अपने परमाणु हथियारों के इरादों को पूरी तरह छोड़ना होगा। उन्होंने यह भी दावा किया कि ईरान की व्यवस्था अब पूरी तरह टूटने की कगार पर है और उन्होंने अपने करीबियों को लंबी नाकेबंदी के लिए तैयार रहने को कहा है।

Frequently Asked Questions (FAQs)

Strait of Hormuz बंद होने से जहाजों पर क्या असर पड़ा है?

शिपिंग ट्रैफिक बहुत कम हो गया है और अब वहां रोजाना केवल 6 से 14 कमर्शियल जहाज ही गुजर पा रहे हैं, जिससे वैश्विक व्यापार प्रभावित हुआ है।

अमेरिका ने ईरान पर क्या पाबंदियां लगाई हैं?

अमेरिका ने 13 अप्रैल 2026 से ईरानी बंदरगाहों की घेराबंदी की है, जिससे ईरान को लगभग 6 अरब डॉलर का तेल बेचने से रोका गया है।

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.