ईरान की IRGC Navy ने Strait of Hormuz को अस्थायी रूप से बंद कर दिया है, जिससे पूरी दुनिया में तनाव बढ़ गया है. ईरान ने साफ कहा है कि अब से वहां बिना अनुमति के जहाज नहीं गुजर पाएंगे. इस कदम के बाद अमेरिका ने बहुत सख्त रुख अपनाया है और ईरान को चेतावनी दी है.
11 जुलाई 2026 को ईरान ने इस महत्वपूर्ण जलमार्ग को बंद करने का ऐलान किया. ईरान के सरकारी प्रसारक के मुताबिक, उन्होंने चेतावनी दी कि अगर कोई जहाज गलत रास्ते से जाने की कोशिश करेगा, तो उस पर कड़ी कार्रवाई होगी. बताया जा रहा है कि IRGC Navy ने एक जहाज पर चेतावनी के तौर पर गोली भी चलाई थी जो बिना अनुमति के रास्ते से जा रहा था.
अमेरिका ने इस फैसले की कड़ी निंदा की है. Washington ने ईरान से मांग की है कि वह 12 जुलाई 2026 तक इस रास्ते को दोबारा खोल दे, वरना उसे गंभीर परिणामों का सामना करना होगा. अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने कहा कि ईरान के साथ हुआ MoU अब खत्म हो चुका है. उन्होंने ईरान पर धोखा देने का आरोप लगाया और चेतावनी दी कि अगर ईरान ने अमेरिकी राष्ट्रपति को निशाना बनाया, तो उनके पास 1000 मिसाइलें तैयार हैं. अमेरिकी नौसेना भी विकल्प तैयार कर रही है और जरूरत पड़ने पर ईरान के जहाजों के लिए इस रास्ते को बंद कर सकती है.
तनाव के बीच ईरान के विदेश मंत्री Abbas Araqchi 11 जुलाई को Oman पहुंचे. वहां उन्होंने जहाजों की सुरक्षित आवाजाही को लेकर बातचीत की. हालांकि ईरान का दावा है कि रास्ता पूरी तरह बंद है, लेकिन अमेरिकी सूत्रों ने इस नाकाबंदी की प्रभावशीलता पर सवाल उठाए हैं.
अमेरिका ने ईरान के तेल उद्योग पर फिर से प्रतिबंध लगा दिए हैं, जो अगले हफ्ते के मध्य तक पूरी तरह लागू हो जाएंगे. अमेरिकी अधिकारियों ने यह भी बताया कि ईरान ने निजी तौर पर माना है कि जहाजों पर हुए हमले उनके सिस्टम की गलती से हुए थे, लेकिन Washington अब चाहता है कि ईरान इसे सार्वजनिक तौर पर स्वीकार करे. फरवरी 2026 से ही इस इलाके में समुद्री बारूदी सुरंगों और सैन्य कार्रवाइयों की वजह से विवाद बना हुआ है.
