ईरान के नागरिक उड्डयन संगठन ने 7 जून 2026 को देश के पश्चिमी हवाई क्षेत्र यानी एयरस्पेस को अगले आदेश तक के लिए बंद करने का फैसला लिया है। प्रवक्ता माजिद अखवान ने सुरक्षा और संरक्षा समीक्षा के बाद इस फैसले की आधिकारिक पुष्टि की है। इस फैसले के बाद खाड़ी देशों की यात्रा करने वाले यात्रियों, विशेषकर भारतीय प्रवासियों को दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है क्योंकि क्षेत्र में कई उड़ानों के रास्ते बदले गए हैं।
ईरान ने पश्चिमी एयरस्पेस को क्यों बंद किया है?
ईरान के नागरिक उड्डयन संगठन के प्रवक्ता माजिद अखवान ने बताया कि सुरक्षा कारणों और सुरक्षा समीक्षा के बाद यह कदम उठाया गया है। इसके लिए एक आधिकारिक नोटम (NOTAM) भी जारी किया गया है। यह फैसला क्षेत्र में बढ़े तनाव और मिसाइल हमलों के बाद एहतियात के तौर पर लिया गया है। पश्चिमी ईरान में देश के कई महत्वपूर्ण सैन्य और परमाणु ठिकाने हैं, जिसके कारण इस क्षेत्र की सुरक्षा को प्राथमिकता दी गई है।
कुवैत और इराक की उड़ानों पर क्या असर पड़ा?
ईरान के इस फैसले के साथ ही इराक के परिवहन मंत्रालय ने भी 7 जून की शाम को अपना हवाई क्षेत्र अस्थाई रूप से बंद कर दिया था। इसके अलावा कुवैत के विमानन प्राधिकरण ने भी कुछ घंटों के लिए हवाई क्षेत्र बंद किया और इस दौरान करीब 11 उड़ानों के रूट बदले गए। हालांकि बाद में कुवैत ने हवाई यातायात को सामान्य रूप से फिर से शुरू कर दिया है। इस बदलाव से कई अंतरराष्ट्रीय एयरलाइनों को अपने रूट बदलने पड़े हैं जिससे उड़ानों में देरी हो रही है।
यात्रियों और प्रवासियों के लिए क्या है आधिकारिक सलाह?
ईरान के नागरिक उड्डयन संगठन ने नागरिकों को सलाह दी है कि वे बिना वजह एयरपोर्ट जाने से बचें। यात्रियों को सलाह दी गई है कि वे अपनी फ्लाइट की स्थिति जानने के लिए आधिकारिक मीडिया और अपनी एयरलाइन कंपनियों के संपर्क में रहें। खाड़ी देशों से भारत और अन्य देशों की यात्रा करने वाले प्रवासियों को सलाह दी जाती है कि वे हवाई सफर पर निकलने से पहले अपनी फ्लाइट का स्टेटस जरूर चेक कर लें।
Frequently Asked Questions (FAQs)
ईरान ने अपना हवाई क्षेत्र कब बंद किया?
ईरान की सिविल एविएशन ऑर्गेनाइजेशन ने 7 जून 2026 को देश के पश्चिमी हवाई क्षेत्र को सुरक्षा कारणों से अगले आदेश तक के लिए बंद करने का ऐलान किया है।
क्या कुवैत और इराक जाने वाली उड़ानें भी प्रभावित हुई हैं?
हां, सुरक्षा कारणों से इराक ने भी अपना एयरस्पेस बंद किया था और कुवैत को अपनी 11 उड़ानों का रूट बदलना पड़ा, जिससे हवाई यातायात प्रभावित हुआ है।
