ईरान के एक बड़े सैन्य अधिकारी ने अमेरिका को लेकर बड़ा दावा किया है. उन्होंने कहा कि अगर ईरान और अमेरिका के बीच युद्ध हुआ तो अमेरिका की हार इतिहास के पन्नों में दर्ज होगी. यह बयान ईरान की सेना के डिप्टी चीफ ने एक खास मीटिंग के दौरान दिया, जहाँ उन्होंने अपनी सेना की ताकत पर भरोसा जताया.
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कमांडर ने अमेरिका की हार का दावा क्यों किया?
ईरान की सेना के डिप्टी चीफ Rear Admiral Habibollah Sayyari ने कहा कि अमेरिका के पास चाहे जितने भी आधुनिक सैन्य उपकरण और हथियार हों, वह ईरान के सामने नहीं टिक पाएगा. उन्होंने इस संभावित जीत के पीछे तीन मुख्य कारण बताए:
- ईरानी सशस्त्र बलों की बहादुरी
- सैनिकों की सहनशक्ति और मजबूती
- ईरानी जनता का पूरा समर्थन
कमांडर ने यह भी कहा कि देश की एकता और लोगों का साथ ही किसी भी चुनौती से लड़ने की असली ताकत है.
भूमध्य सागर और पुराने बयानों का क्या जिक्र हुआ?
बातचीत के दौरान कमांडर Sayyari ने भूमध्य सागर (Mediterranean Sea) में ईरानी नौसेना की पुरानी मौजूदगी की याद दिलाई. उन्होंने बताया कि दिवंगत नेता Ayatollah Seyyed Ali Khamenei ने एक बार कहा था कि अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों के बावजूद ईरान की इस नौसैनिक तैनाती ने पूरी दुनिया को हिलाकर रख दिया था. उन्होंने कहा कि पिछले युद्धों के दौरान भी ईरानी समाज ने बहुत मजबूती दिखाई थी.
यह बयान किस मीटिंग में और कब दिया गया?
यह पूरा बयान 13 मई 2026 को दिया गया. Rear Admiral Habibollah Sayyari उस समय ईरान के Civil Aviation Authority के प्रमुख के साथ एक मीटिंग में थे. इस दौरान उन्होंने अधिकारियों को सलाह दी कि वे राष्ट्रीय एकता का सम्मान करें और अपनी जिम्मेदारियों को पूरी ईमानदारी से निभाएं.
Frequently Asked Questions (FAQs)
ईरान के किस अधिकारी ने अमेरिका की हार का दावा किया?
यह दावा ईरान की सेना के डिप्टी चीफ Rear Admiral Habibollah Sayyari ने किया है.
यह बयान कब और कहाँ दिया गया?
यह बयान 13 मई 2026 को Civil Aviation Authority के प्रमुख के साथ एक मीटिंग के दौरान दिया गया.
