ईरान के संस्थापक इमाम रुहोल्लाह मौसवी खुमैनी की 37वीं बरसी 4 जून 2026 को पूरे देश में मनाई जा रही है। इस साल यह आयोजन ईद-अल-ग़दीर के साथ आया है, जिससे इसका महत्व और बढ़ गया है। ईरान में इस मौके पर राष्ट्रीय अवकाश घोषित किया गया है। राजधानी तेहरान सहित देश के अलग-अलग हिस्सों में बड़े स्तर पर कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है। इस संवेदनशील मौके पर ईरान की सेना और रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) ने भी अपने रुख को स्पष्ट करते हुए मजबूत बयान जारी किए हैं।
मुख्य समारोह और वर्तमान सुप्रीम लीडर का संदेश
इस साल का मुख्य समारोह तेहरान के दक्षिणी हिस्से में स्थित इमाम खुमैनी के मकबरे पर आयोजित किया जा रहा है। मकबरे के दरवाजे आम जनता के लिए सुबह 6:30 बजे ही खोल दिए गए और मुख्य समारोह की शुरुआत सुबह 9:00 बजे हुई। इस कार्यक्रम में कुरान का पाठ किया गया और शोक गीत गाए गए। इस दौरान इस्लामी क्रांति के वर्तमान नेता आयतुल्लाह सैयद मोज्तबा खामेनेई का एक विशेष संदेश भी पढ़ा जा रहा है। इस संदेश को दुनिया भर के लोगों तक पहुंचाने के लिए प्रमुख वैश्विक भाषाओं में अनुवाद भी किया जा रहा है।
ईरानी सेना और IRGC ने दुश्मनों को दी कड़ी चेतावनी
इस बरसी के मौके पर ईरान के सुरक्षा बलों ने काफी कड़े बयान जारी किए हैं। ईरानी सेना ने देश की स्वतंत्रता, सुरक्षा और क्षेत्रीय अखंडता की रक्षा के लिए अपनी प्रतिबद्धता दोहराई है और वर्तमान नेता आयतुल्लाह सैयद मोज्तबा खामेनेई के प्रति अपनी वफादारी का संकल्प लिया है। दूसरी ओर, इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने दुश्मनों को चेतावनी देते हुए कहा है कि उन्हें ईरान की जनता और उसकी सेना द्वारा मैदान में तय किए गए नए नियमों को स्वीकार करना ही होगा। केंद्रीय मुख्यालय ने भी कहा है कि इस साल का आयोजन काफी असाधारण परिस्थितियों में हो रहा है क्योंकि देश अपने शहीद पूर्व नेता आयतुल्लाह सैयद अली खामेनेई की याद में भी शोक मना रहा है।
विदेशी पत्रकारों की भारी मौजूदगी और वैश्विक स्तर पर कार्यक्रम
इस साल ईरान में होने वाले कार्यक्रमों को कवर करने के लिए रिकॉर्ड संख्या में विदेशी पत्रकार और मीडियाकर्मी पहुंचे हैं, जो इस आयोजन के प्रति अंतरराष्ट्रीय रुचि को दिखाता है। ईरान के बाहर भी कई देशों में इस अवसर पर कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में ईरानी दूतावास में एक कार्यक्रम आयोजित किया गया, जहां राजदूत डॉ. रजा अमिरी मोघदम ने इमाम खुमैनी के विचारों की प्रशंसा की और ईरान की शांतिपूर्ण परमाणु नीति पर जोर दिया।
Frequently Asked Questions (FAQs)
इमाम खुमैनी कौन थे और ईरान में उनकी बरसी कब मनाई जाती है?
इमाम रुहोल्लाह मौसवी खुमैनी ईरान के इस्लामी गणतंत्र के संस्थापक थे, जिनका निधन 3 जून 1989 को हुआ था। उनकी याद में हर साल 4 जून को ईरान में राष्ट्रीय अवकाश रहता है और बड़े स्तर पर श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं।
साल 2026 के इस समारोह में सेना और IRGC ने क्या संदेश दिया है?
ईरानी सेना और IRGC ने वर्तमान नेता आयतुल्लाह सैयद मोज्तबा खामेनेई के प्रति अपनी वफादारी दोहराई है और दुश्मनों को कड़े शब्दों में चेतावनी दी है कि वे ईरान के सुरक्षा बलों द्वारा बनाए गए नए नियमों का सम्मान करें।
