कैस्पियन सागर में शनिवार 25 जुलाई 2026 को एक बड़ी घटना सामने आई है, जहां यूक्रेन की सैन्य कार्रवाई ने एक ईरानी कमर्शियल जहाज को निशाना बनाया है। इस हमले में जहाज पर विस्फोट हुआ, जिसमें एक ईरानी नाविक की मौत हो गई और एक अन्य घायल हो गया। यूक्रेन के राष्ट्रपति Volodymyr Zelenskyy ने उसी दिन जानकारी दी कि उनकी सेना ने कैस्पियन सागर में लंबी दूरी की स्ट्राइक से बड़े परिणाम हासिल किए हैं, जिसमें ईरान से जुड़ी सैन्य सामग्री ले जाने वाले जहाज और एक युद्धपोत शामिल थे।
ईरान ने जताया कड़ा विरोध
ईरान के विदेश मंत्रालय ने इस हमले की कड़ी निंदा की है और इसे अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन बताया है। ईरान का कहना है कि यह हमला संयुक्त राष्ट्र चार्टर के अनुच्छेद 2(4) के खिलाफ है, जो किसी भी देश की क्षेत्रीय अखंडता पर बल प्रयोग को रोकता है। मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि ईरान का रूस-यूक्रेन संघर्ष से कभी कोई संबंध नहीं रहा है और वह अपनी सुरक्षा के लिए अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत जवाब देने का अधिकार रखता है।
अंतरराष्ट्रीय समुदाय से की अपील
तेहरान ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद और अन्य अंतरराष्ट्रीय देशों से मांग की है कि वे इस हमले को अंतरराष्ट्रीय कानून का गंभीर उल्लंघन मानें। ईरान ने चेतावनी दी है कि इस तरह के सैन्य साहस के जो भी परिणाम होंगे, उसके लिए यूक्रेन और उसके सहयोगी पूरी तरह जिम्मेदार होंगे। इस घटना ने मध्य एशिया में तनाव को और अधिक बढ़ा दिया है क्योंकि यूक्रेन का आरोप है कि ये जहाज सैन्य सामग्री ढोने का काम कर रहे थे, जबकि ईरान ने इन आरोपों को सिरे से खारिज किया है।
