Strait of Hormuz: ईरान ने अमेरिका को भेजा संदेश, पाकिस्तान के जरिए hormuz को लेकर कही बड़ी बात.

खाड़ी देशों में तनाव के बीच एक बड़ी खबर सामने आ रही है जिसमें 25 अगस्त 2026 को यह जानकारी मिली कि तेहरान ने पाकिस्तान के अधिकारियों के माध्यम से स्ट्रेट ऑफ़ होर्मुज को लेकर अपना रुख आधिकारिक तौर पर वाशिंगटन तक पहुंचा दिया है। इस कूटनीतिक पहल का मुख्य कारण यह था कि 24 अगस्त 2026 को तेहरान में एक उच्च स्तरीय पाकिस्तानी प्रतिनिधिमंडल ने दौरा किया था जिसका नेतृत्व सेना प्रमुख फील्ड मार्शल सैयद आसिफ मुनीर और आंतरिक मंत्री मोहसिन नकवी ने किया था। इस दौरान दोनों पक्षों के बीच क्षेत्रीय शांति और व्यापारिक मार्गों को सुरक्षित रखने को लेकर महत्वपूर्ण चर्चाएं की गईं ताकि इस इलाके में लगातार बढ़ रहे तनाव को रोका जा सके और आम जनता को राहत मिल सके।
पाकिस्तान की मध्यस्थता और तेहरान की मांग
इस बैठक में ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान और सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल के सचिव मोहसेन रजाई भी शामिल हुए थे। बातचीत का मुख्य उद्देश्य इस्लामाबाद मेमोरेंडम ऑफ़ अंडरस्टैंडिंग यानी एमओयू को दोबारा बहाल करना था जो कि 60 दिनों की बातचीत की अवधि समाप्त होने के बाद जुलाई में ही एक्सपायर हो गया था। पाकिस्तान की सेना के मीडिया विंग इंटर-सर्विसेज पब्लिक रिलेशन यानी आईएसपीआर ने एक बयान में स्पष्ट किया कि इन वार्ताओं में इस बात पर सबसे ज्यादा जोर दिया गया कि कैसे क्षेत्र में आगे की हिंसक घटनाओं को रोका जाए, कमर्शियल शिपिंग के लिए स्ट्रेट ऑफ़ होर्मुज को दोबारा खोला जाए और चल रहे संघर्ष को जल्द से जल्द खत्म किया जाए। ईरानी नेतृत्व ने पाकिस्तान की इस मध्यस्थता के प्रयासों की सराहना तो की लेकिन साथ ही यह भी मांग रखी कि अमेरिका अपने कूटनीतिक रवैया में बदलाव लाए और पहले किए गए अपने वादों को पूरा करे।
अमेरिका का सख्त रुख और सैन्य धमकियां
दूसरी तरफ संयुक्त यानी अमेरिका की तरफ से अभी भी काफी कड़ा रुख अपनाया जा रहा है। अमेरिकी रक्षा सचिव पीट हेगसेथ ने सोमवार यानी 24 अगस्त 2026 को यह बयान दिया कि वाशिंगटन ने स्ट्रेट ऑफ़ होर्मुज या उसके आसपास के इलाकों में और अधिक सैन्य हमले करने के विकल्पों को अभी पूरी तरह से खारिज नहीं किया है। इसके अलावा अमेरिकी ट्रेजरी सचिव स्कॉट बेसेंट ने उसी दिन ईरान के व्यापारिक साझेदारों पर प्रतिबंधों को और ज्यादा बढ़ाने का ऐलान कर दिया और उन सभी देशों को चेतावनी दी जो तेहरान के साथ अपने व्यावसायिक रिश्तों को बनाए रखे हुए हैं। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने भी पहले ही यह चेतावनी दे रखी है कि जो देश ईरान को आर्थिक मदद या जीवन रेखा दे रहे हैं उन्हें इसके गंभीर परिणाम भुगतने पड़ सकते हैं।
ओमान के पास तेल टैंकर पर हमला और आगे के कूटनीतिक कदम
यह कूटनीतिक कोशिशें ऐसे समय में बेहद जरूरी हो गई हैं जब इस क्षेत्र की सुरक्षा लगातार बदतर होती जा रही है। 24 अगस्त 2026 की रात को ओमान के तट के पास स्ट्रेट ऑफ़ होर्मुज के भीतर एक अज्ञात प्रोजेक्टाइल की वजह से एक ऑयल टैंकर को नुकसान पहुंचा और उसे निष्क्रिय करना पड़ा गनीमत यह रही कि इस घटना में सभी क्रू मेंबर सुरक्षित बताए गए। जहां एक तरफ पाकिस्तान सऊदी अरब के समर्थन से निष्पक्ष मध्यस्थता में जुटा हुआ है वहीं दूसरी तरफ ओमान के विदेश मंत्री बद्र बिन हम्द अलबुसैदी भी जलमार्ग को लेकर आगे की बातचीत के लिए तेहरान पहुंचने वाले हैं जिससे इस पूरे मामले में नए कूटनीतिक रास्ते खुल रहे हैं।