ईरान ने पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump के बयानों पर कड़ी आपत्ति जताई है और मामले को संयुक्त राष्ट्र तक पहुंचा दिया है। संयुक्त राष्ट्र में ईरान के स्थायी प्रतिनिधि Amir Saeid Iravani ने एक आधिकारिक पत्र लिखकर अपनी शिकायत दर्ज कराई है। ईरान का आरोप है कि ट्रंप के बयान उनके देश के आंतरिक मामलों में सीधा दखल हैं और इससे देश के भीतर हिंसा को बढ़ावा मिल रहा है।

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ईरान ने किन नियमों के उल्लंघन का लगाया आरोप?

ईरान के प्रतिनिधि ने अपनी चिट्ठी में कहा है कि Donald Trump के बयान संयुक्त राष्ट्र चार्टर के नियमों के खिलाफ हैं। विशेष रूप से चार्टर के अनुच्छेद 2(1), 2(4) और 2(7) का हवाला दिया गया है जो किसी भी संप्रभु देश के घरेलू मामलों में बाहरी हस्तक्षेप को रोकते हैं। ईरान का मानना है कि प्रदर्शनकारियों को हथियार देने जैसी बातें करना अंतरराष्ट्रीय कानूनों का खुला उल्लंघन है। ईरान के अनुसार किसी भी देश की अस्थिरता का फायदा उठाना गलत है और यह अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक गलत परंपरा शुरू करता है।

संयुक्त राष्ट्र से क्या मांग की गई है?

ईरान ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद और महासचिव Antonio Guterres से इस मामले में तुरंत संज्ञान लेने की मांग की है। ईरानी पक्ष ने अपनी शिकायत में निम्नलिखित मुख्य बातें रखी हैं:

  • ईरानी प्रतिनिधि Amir Saeid Iravani ने ट्रंप के बयानों को गैर-जिम्मेदाराना और भड़काऊ बताया है।
  • ईरान ने कहा कि ट्रंप का अमेरिकी सेना के तैयार होने वाला बयान एक सीधी सैन्य धमकी है।
  • पत्र में मांग की गई है कि अमेरिका को अपनी अंतरराष्ट्रीय जिम्मेदारियों और सुरक्षा परिषद के सदस्य के तौर पर नियमों का पालन करना चाहिए।
  • ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता Esmaeil Baghaei ने भी कहा कि अमेरिका हमेशा से ईरान के मामलों में हस्तक्षेप करने की कोशिश करता रहा है।