ईरान ने 14 अप्रैल 2026 को अल-अक्सा मस्जिद के अपमान को लेकर कड़ा विरोध जताया है। ईरान के मुताबिक, एक इसराइली मंत्री के नेतृत्व में कट्टरपंथियों के समूह ने मस्जिद में घुसकर उसकी पवित्रता को ठेस पहुंचाई है। इस दौरान इसराइली सेना ने फिलिस्तीनी नमाजियों को मस्जिद में दाखिल होने से भी रोका।

ईरान ने इसराइली मंत्री की हरकत को क्यों बताया गलत?

ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता Esmaeil Baqaei ने इस घटना की कड़ी निंदा की है। उन्होंने कहा कि यह कदम बहुत ज्यादा उकसाने वाला है और फिलिस्तीनियों के अधिकारों का सीधा उल्लंघन है। Baqaei ने जोर देकर कहा कि अल-अक्सा मस्जिद मुसलमानों के लिए पहले किबला के रूप में बहुत खास है। उनके अनुसार, यह सब यरुशलम (al-Quds) की इस्लामी और ऐतिहासिक पहचान को बदलने की एक साजिश है जिससे पूरी दुनिया के मुसलमानों की भावनाएं आहत होती हैं।

नियमों का उल्लंघन और बार-बार घुसपैठ का मामला

यह घटना 1967 से लागू नियमों का उल्लंघन मानी जा रही है, जिसके तहत गैर-मुस्लिमों के लिए मस्जिद परिसर में नमाज पढ़ना मना है। इसके अलावा इसे संयुक्त राष्ट्र (UN) के प्रस्तावों का भी उल्लंघन बताया गया है। रिपोर्ट के अनुसार, इसराइली मंत्री Itamar Ben-Gvir इस साल तीसरी बार और 2022 में पद संभालने के बाद कम से कम 16 बार इस पवित्र स्थल में घुस चुके हैं। उन्होंने इस जगह पर यहूदी सिनेगॉग बनाने की इच्छा भी जाहिर की है।

OIC और मुस्लिम देशों से क्या मांग की गई?

ईरान ने इस मामले में Organization of Islamic Cooperation (OIC) और अन्य मुस्लिम देशों से प्रभावी कदम उठाने की अपील की है। ईरान का कहना है कि सभी देशों की यह नैतिक और कानूनी जिम्मेदारी है कि वे इस तरह की हरकतों को रोकें और जिम्मेदार इसराइली लोगों को सजा दिलाएं। फिलिस्तीनी अथॉरिटी के प्रेसिडेंसी ने भी मस्जिद परिसर में इस तरह की घुसपैठ की कड़ी निंदा की है।

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.