Gaza के लिए मदद लेकर जा रहे Sumud Flotilla को इसराइल ने बीच समुद्र में रोक लिया है। इस घटना के बाद ईरान ने इसराइल की कड़ी निंदा की है और इसे समुद्री डकैती करार दिया है। इस मामले ने अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तूल पकड़ लिया है और कई देश इसराइल के खिलाफ खड़े हो गए हैं।

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Sumud Flotilla के साथ क्या हुआ और कहाँ रोका गया

Global Sumud Flotilla नाम का यह जहाजों का काफिला Gaza पट्टी में जरूरी सामान पहुँचाने जा रहा था। इसराइल की सेना ने बुधवार (29-30 अप्रैल 2026) की रात ग्रीस के Crete द्वीप के पास अंतरराष्ट्रीय पानी में इन जहाजों को रोका। इस कार्रवाई में कुल 22 जहाजों को पकड़ा गया और करीब 175 कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया गया।

  • यह काफिला 12 अप्रैल को Barcelona से रवाना हुआ था।
  • मुख्य जहाजों का समूह 26 अप्रैल को Sicily से निकला था।
  • कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि इसराइल ने जहाजों के इंजन खराब कर दिए और संचार व्यवस्था को जाम कर दिया, जिससे वे समुद्र में फंस गए।

ईरान और दुनिया के अन्य देशों का इस पर क्या कहना है

ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता Esmaeil Baqaei ने इस हमले को समुद्री डकैती और राज्य आतंकवाद बताया है। उन्होंने कहा कि यह मानवता के मूल्यों पर हमला है और UN को इसराइल की जवाबदेही तय करनी चाहिए। UN मानवाधिकार कार्यालय के प्रवक्ता Thameen Al-Kheetan ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय कानून समुद्र में जहाजों की आवाजाही की आजादी देता है।

Amnesty International ने इस कार्रवाई को अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन बताया है। वहीं, Spain और Italy ने इस घटना की निंदा की है और अपने नागरिकों की रिहाई की मांग की है। दूसरी तरफ, अमेरिका के Trump प्रशासन ने इस काफिले को प्रो-हमास पहल बताया है और कहा कि यह शांति योजना को कमजोर करने की कोशिश है।

Frequently Asked Questions (FAQs)

Sumud Flotilla क्या है और इसका मकसद क्या था

Global Sumud Flotilla एक मानवीय सहायता काफिला था, जिसका मकसद Gaza पट्टी में फंसे लोगों के लिए जरूरी सामान और मदद पहुँचाना था।

इस घटना में कितने लोग हिरासत में लिए गए

इसराइली सेना ने करीब 175 कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया है, जिनमें से ज्यादातर को ग्रीस में उतारा जाएगा, जबकि दो लोगों को पूछताछ के लिए इसराइल ले जाया जाएगा।