ईरान ने इसराइल की एक हालिया कार्रवाई पर कड़ा विरोध जताया है. इसराइल ने सोमालिया के सोमालीलैंड क्षेत्र में अपना एक राजनयिक प्रतिनिधि नियुक्त किया है, जिसे ईरान ने पूरी तरह गलत बताया है. ईरान का कहना है कि यह कदम सोमालिया की आजादी और उसकी सीमाओं का अपमान है और इससे इलाके की शांति को खतरा हो सकता है.

ईरान ने इसराइल की कार्रवाई पर क्या कहा?

ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता Esmail Baghaei ने इस मामले में आधिकारिक बयान दिया. उन्होंने कहा कि इसराइल ने सोमालीलैंड में राजनयिक भेजकर सोमालिया की संप्रभुता का उल्लंघन किया है. ईरान के मुताबिक, यह कदम इस्लामिक देशों को अस्थिर करने और उनके बीच फूट डालने की एक साजिश का हिस्सा है.

किन नियमों का हुआ उल्लंघन और किससे मांगी गई मदद?

ईरान का मानना है कि इसराइल की यह हरकत यूनाइटेड नेशंस (UN) के चार्टर और अंतरराष्ट्रीय कानूनों के खिलाफ है. प्रवक्ता ने दुनिया के बड़े संगठनों से इस मामले में हस्तक्षेप करने और इसराइल की मनमानी को रोकने की मांग की है. ईरान ने इन संस्थाओं से मदद मांगी है:

  • यूनाइटेड नेशंस (UN)
  • ऑर्गनाइजेशन ऑफ इस्लामिक कोऑपरेशन (OIC)
  • अफ्रीकन यूनियन (AU)

सोमालीलैंड मामला और पुराना विवाद

सोमालिया एक स्वतंत्र देश है और सोमालीलैंड उसका एक क्षेत्र माना जाता है. इससे पहले दिसंबर 2025 में भी जब इसराइल ने सोमालीलैंड को औपचारिक मान्यता दी थी, तब ईरान ने इसका कड़ा विरोध किया था. ईरान का कहना है कि इसराइल लाल सागर और हॉर्न ऑफ अफ्रीका के इलाकों में अस्थिरता फैलाकर अपना फायदा चाहता है.

Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.