ईरान ने लेबनान पर इसराइल के हमलों की कड़े शब्दों में निंदा की है। ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता Esmaeil Baqaei ने इन हमलों को अंतरराष्ट्रीय कानूनों का उल्लंघन और युद्ध अपराध बताया है। यह बयान ऐसे समय में आया है जब लेबनान के दक्षिणी हिस्सों में इसराइली हवाई हमलों से भारी नुकसान हुआ है और दूसरी तरफ अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध समाप्त करने को लेकर बातचीत की खबरें भी आ रही हैं।

लेबनान में ताजा हमले और ईरान की आधिकारिक प्रतिक्रिया

ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता Esmaeil Baqaei ने कहा कि इसराइल के हमले मानवीय कानूनों का खुला उल्लंघन हैं। ईरान ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) से इस मामले में तुरंत दखल देने और शांति बनाए रखने की जिम्मेदारी निभाने की मांग की है। 24 मई 2026 को इसराइल के हवाई हमलों में Nabatieh में एक नागरिक सुरक्षा केंद्र तबाह हो गया और Tyre क्षेत्र के Hiram Hospital के करीब 25 कर्मचारी घायल हो गए। इसके जवाब में Hezbollah ने भी इसराइली सेना के खिलाफ 12 जवाबी हमले किए हैं, जिसमें सैन्य वाहनों और ड्रोन जैमिंग सिस्टम को निशाना बनाया गया।

अमेरिका के साथ शांति समझौते पर क्या है बातचीत?

इस तनाव के बीच अमेरिका और ईरान के बीच पश्चिम एशिया में चल रहे युद्ध को समाप्त करने के लिए एक समझौते पर चर्चा चल रही है। अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump के अनुसार इस समझौते का मसौदा काफी हद तक तैयार हो चुका है। ईरानी अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि इस शुरुआती फ्रेमवर्क में परमाणु मुद्दे को अलग रखा गया है और दोनों पक्षों का मुख्य ध्यान लेबनान सहित सभी मोर्चों पर तुरंत जंग रोकने पर है। हालांकि, Strait of Hormuz के नियंत्रण को लेकर ईरान की Fars News Agency ने स्पष्ट किया है कि यह क्षेत्र ईरानी प्रबंधन के तहत ही रहेगा। इस बीच, ईरान ने जासूसी के आरोप में Mojtaba Kian नामक व्यक्ति को मौत की सजा भी दी है, जिस पर अमेरिका और इसराइल को देश की रक्षा क्षेत्र से जुड़ी जानकारी भेजने का आरोप था।

Frequently Asked Questions (FAQs)

ईरान ने लेबनान पर हमलों को लेकर क्या कहा है?

ईरान के विदेश मंत्रालय ने लेबनान में इसराइली हमलों को युद्ध अपराध बताते हुए संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद से हस्तक्षेप करने की मांग की है।

क्या अमेरिका और ईरान के बीच कोई शांति समझौता हो रहा है?

हाँ, दोनों देश पश्चिम एशिया में युद्ध समाप्त करने के लिए एक समझौते पर बातचीत कर रहे हैं, जिसका मुख्य उद्देश्य लेबनान सहित सभी मोर्चों पर तुरंत लड़ाई रोकना है।