ईरान ने इसराइल और अमेरिका को घेरा, गाजा में 800 लोगों की मौत पर जताई नाराजगी, बताया यह एक बड़ा अपराध
ईरान ने एक बार फिर इसराइल की कार्रवाइयों पर कड़ा रुख अपनाया है। ईरान के विदेश मंत्रालय ने गाजा पट्टी में हो रही मौतों और हमलों को लेकर दुनिया को आगाह किया है। उनका कहना है कि ceasefire के बाद भी मासूमों का कत्लेआम नहीं रुका है और यह पूरी तरह गलत है।
📰: ईरान ने अमेरिका और इसराइल को दी चेतावनी, कहा दुनिया की शांति के लिए खतरा है यह हमला।
गाजा में क्या हुआ और ईरान ने क्या कहा?
ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता Esmaeil Baqaei ने 24 अप्रैल 2026 को एक बयान जारी किया। उन्होंने बताया कि गाजा में ceasefire के ऐलान के बाद से अब तक करीब 800 फिलिस्तीनी मारे जा चुके हैं। इन मरने वालों में बड़ी संख्या में महिलाएं और बच्चे शामिल हैं। ईरान ने आरोप लगाया कि इसराइल शांति के नाम पर अपनी पुरानी औपनिवेशिक योजना को आगे बढ़ा रहा है और फिलिस्तीन को खत्म करना चाहता है।
इस नरसंहार के लिए कौन जिम्मेदार है?
ईरान ने इस पूरी घटना के लिए इसराइल के साथ-साथ अमेरिका को भी जिम्मेदार ठहराया है। Baqaei के मुताबिक, अमेरिका इसराइल को मिलिट्री और राजनीतिक सपोर्ट दे रहा है, जिसकी वजह से ये अपराध हो रहे हैं। ईरान का दावा है कि इसराइल और अमेरिका ने मिलकर ceasefire को केवल एक ढाल की तरह इस्तेमाल किया है ताकि गाजा में नरसंहार को जारी रखा जा सके।
दुनिया और अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं से क्या मांग है?
ईरान ने संयुक्त राष्ट्र (UN), मानवाधिकार संस्थाओं और इस्लामिक सहयोग संगठन (OIC) से अपील की है। उनका कहना है कि इन सभी संस्थाओं की यह कानूनी और नैतिक जिम्मेदारी है कि वे इन अपराधों को तुरंत रोकें। ईरान चाहता है कि इस मामले में निर्णायक कार्रवाई की जाए और दोषियों को जल्द से जल्द पकड़ा जाए ताकि उन्हें सजा मिल सके।