ब्रिटेन ने 13 जुलाई 2026 को इस्लामिक रिवोल्यूशन गार्ड्स कॉर्प्स (IRGC) को ‘शत्रुतापूर्ण’ संगठन घोषित कर दिया है। इस फैसले के बाद 14 जुलाई 2026 को ईरान ने आधिकारिक तौर पर अपना विरोध जताया है। ईरान के विदेश मंत्रालय ने इस कदम को पूरी तरह से अनुचित, गैर-जिम्मेदाराना और राजनीति से प्रेरित बताया है।

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ब्रिटेन का नया कानून और उसके मायने

ब्रिटेन ने यह कदम अपने नए नेशनल सिक्योरिटी (स्टेट थ्रेट्स) एक्ट 2026 के तहत उठाया है। इस कानून के तहत वहां की सरकार उन संगठनों पर कार्रवाई कर सकती है जो विदेशी शक्तियों के लिए खतरा पैदा करते हैं। ब्रिटिश गृह सचिव शबाना महमूद और प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर ने तर्क दिया कि IRGC से जुड़ी गतिविधियां ब्रिटेन की धरती पर धमकियों और डराने-धमकाने का कारण बनी हैं। उन्होंने ईरान समर्थित समूह पर ब्रिटेन में यहूदी स्थलों को निशाना बनाने और हिंसा फैलाने का आरोप लगाया है।

ईरान का जवाब

ईरान ने कहा कि IRGC उनके देश की आधिकारिक सशस्त्र सेना का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। मंत्रालय के अनुसार, यह संगठन देश की सुरक्षा करने और आतंकवाद, जैसे कि Daesh (ISIL) का मुकाबला करने का काम करता है। ईरान ने चेतावनी दी है कि वह संयुक्त राष्ट्र चार्टर और अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत अपने अधिकारों का उपयोग करते हुए इस फैसले का जवाब देने के लिए तैयार है। नए ब्रिटिश कानून के तहत, ऐसे संगठनों का समर्थन करने पर 14 साल तक की जेल और तोड़फोड़ के मामलों में उम्रकैद की सजा का प्रावधान है।

Sushma Kumari

Shushma covers Stories Around Expats and Helpful Contents Related to Daily life of Public. She completed Mass Communication Degree From Makhan lal Chaturvedi College Bhopal and Has 3 years of Field Experience. Earlier She Worked with Jagran Media Patna Office and Now Working with GulfHindi.com