ईरान और अमेरिका के बीच तनाव एक बार फिर बहुत ज्यादा बढ़ गया है। ईरान के दक्षिणी हिस्से में स्थित बंदर अब्बास (Bandar Abbas) के पास अमेरिका द्वारा किए गए सैन्य हमले के बाद ईरान ने कड़ी नाराजगी जताई है। ईरान ने इस सैन्य हमले को अंतरराष्ट्रीय कानूनों और संयुक्त राष्ट्र (UN) चार्टर का सीधा उल्लंघन बताया है। ईरान ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UN Security Council) से तुरंत इस मामले में दखल देने और अमेरिका को जिम्मेदार ठहराने की मांग की है।
ईरान ने अमेरिकी हमले को लेकर क्या कहा?
ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघेई (Esmaeil Baghaei) ने बताया कि गुरुवार, 28 मई 2026 को तड़के हुआ यह अमेरिकी हमला पूरी तरह से अवैध है। उन्होंने साफ किया कि संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की यह कानूनी जिम्मेदारी बनती है कि वह ईरान की संप्रभुता पर हुए इस हमले के खिलाफ अमेरिका पर सख्त कार्रवाई करे। ईरान ने साफ कर दिया है कि वह अपनी संप्रभुता और देश की सुरक्षा के लिए संयुक्त राष्ट्र चार्टर के आर्टिकल 51 के तहत हर जरूरी कदम उठाने के लिए पूरी तरह तैयार है।
सीजफायर के उल्लंघन और ओमान को धमकी का आरोप
ईरान का आरोप है कि अमेरिका लगातार उस सीजफायर का उल्लंघन कर रहा है जो 8 अप्रैल को लागू हुआ था। प्रवक्ता इस्माइल बघेई ने बताया कि अमेरिकी सेना फारस की खाड़ी (Persian Gulf) और अंतरराष्ट्रीय समुद्री रास्तों में व्यापारिक जहाजों को लगातार निशाना बना रही है। इसके साथ ही हाल ही में दक्षिणी ईरान पर हवाई हमले भी किए गए हैं जो सीजफायर का सीधा उल्लंघन हैं। ईरान ने अमेरिकी अधिकारियों द्वारा ओमान को दी गई धमकियों की भी कड़ी निंदा की है और ओमान के साथ अपनी एकजुटता जाहिर की है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से ओमान को लेकर आई कथित धमकियों पर भी ईरान ने चिंता जताई है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
अमेरिका ने ईरान में किस जगह पर सैन्य हमला किया है?
अमेरिका ने दक्षिणी ईरान में स्थित बंदर अब्बास (Bandar Abbas) के पास सैन्य हमला किया है, जिसे ईरान ने अपनी संप्रभुता और अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन बताया है।
ईरान ने इस हमले के खिलाफ क्या कदम उठाया है?
ईरान ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) से इस मामले में तुरंत दखल देने की मांग की है और खुद की रक्षा के लिए आर्टिकल 51 के तहत हर जरूरी कदम उठाने की बात कही है।