अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर चरम पर पहुँच गया है। अमेरिका ने ईरान के अंदर कई ठिकानों पर सैन्य हमले किए हैं, जिसके बाद ईरान के विदेश मंत्रालय ने कड़ी नाराजगी जताई है। ईरान का कहना है कि इन हमलों की वजह से पिछले दो महीनों से चल रहा ceasefire यानी युद्धविराम अब पूरी तरह बेकार हो गया है।

अमेरिका के हमलों पर ईरान ने क्या कहा?

ईरान के विदेश मंत्रालय ने गुरुवार, 11 जून 2026 को एक आधिकारिक बयान जारी किया। इस बयान में अमेरिका के हालिया सैन्य हमलों को अवैध और आपराधिक बताया गया है। ईरान का दावा है कि अमेरिका ने अंतरराष्ट्रीय नियमों और संयुक्त राष्ट्र चार्टर का खुला उल्लंघन किया है। मंत्रालय के अनुसार, इन हमलों ने देशों की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता के सिद्धांतों को चोट पहुँचाई है।

Ceasefire यानी युद्धविराम का अब क्या होगा?

अमेरिका और ईरान के बीच अप्रैल 2026 में एक समझौता हुआ था ताकि हिंसा को रोका जा सके। यह ceasefire लगभग दो महीने पुराना था, लेकिन हालिया हमलों के बाद ईरान ने इसे खत्म मान लिया है। ईरान के मुताबिक:

  • इन हमलों ने युद्धविराम को व्यावहारिक रूप से अर्थहीन बना दिया है।
  • अप्रैल में किए गए समझौते का असर अब पूरी तरह खत्म हो गया है।
  • यह स्थिति दोनों देशों के बीच तनाव को और बढ़ा सकती है।

इस पूरे विवाद में कौन शामिल है?

इस टकराव में मुख्य रूप से दो पक्ष शामिल हैं। एक तरफ ईरान का विदेश मंत्रालय और उनकी सेना (IRGC) है, जो हमलों का विरोध कर रही है। दूसरी तरफ अमेरिका की सैन्य ताकत और U.S. Central Command (CENTCOM) है, जिन्होंने ईरान के ठिकानों पर मिसाइल और हवाई हमले किए। अमेरिका इन कार्रवाइयों को आत्मरक्षा के तौर पर देखता है, जबकि ईरान इसे अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन मानता है।

Frequently Asked Questions (FAQs)

ईरान ने अमेरिका के हमलों को किस तरह परिभाषित किया है?

ईरान के विदेश मंत्रालय ने इन हमलों को अवैध, आपराधिक और अंतरराष्ट्रीय नियमों का खुला उल्लंघन बताया है।

अमेरिका और ईरान के बीच ceasefire समझौता कब हुआ था?

यह युद्धविराम समझौता अप्रैल 2026 में हुआ था, जो अब ईरान के अनुसार अर्थहीन हो चुका है।