ईरान ने अपने परमाणु ठिकानों पर अमेरिका और इसराइल द्वारा किए गए हमलों की कड़ी निंदा की है। यह मुद्दा 6 जून 2026 को अंतर्राष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) के बोर्ड ऑफ गवर्नर्स की एक विशेष बैठक के दौरान उठा। ईरान ने इन हमलों को संयुक्त राष्ट्र चार्टर और अंतर्राष्ट्रीय कानूनों का खुला उल्लंघन बताया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने खुद इन हमलों की पुष्टि की है और ईरान को जवाबी कार्रवाई न करने की चेतावनी दी है।

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ईरान के परमाणु ठिकानों पर हुए हमलों की पूरी कहानी क्या है?

ईरानी प्रतिनिधिमंडल ने IAEA की विशेष बैठक में बताया कि अमेरिका और इसराइल ने मिलकर उनके परमाणु ठिकानों पर कुल 17 बार हवाई हमले किए। ईरान ने इसे “12-दिवसीय युद्ध और ऑपरेशन रमजान” का हिस्सा बताया है। एक बेहद संवेदनशील हमला बुशहर न्यूक्लियर पावर प्लांट रिएक्टर से मात्र 350 मीटर की दूरी पर हुआ, जिसमें कुछ लोगों के मारे जाने की भी खबर है। ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराक्छी ने इसे अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा बताते हुए कहा कि ईरान अपनी सुरक्षा के लिए हर तरह का कदम उठाने का अधिकार सुरक्षित रखता है।

IAEA की रिपोर्ट और सुरक्षा समझौते पर क्या विवाद है?

IAEA के महानिदेशक राफेल ग्रॉसी ने कहा कि सुरक्षा समझौते को लागू करना बेहद जरूरी है। 4 और 5 जून को सामने आई एक गोपनीय रिपोर्ट के अनुसार, सैन्य संघर्षों के कारण एजेंसी इस्फ़हान, फोर्डो और नतांज़ जैसे प्रमुख ठिकानों पर यूरेनियम के स्टॉक की जांच नहीं कर पा रही है। हालांकि, बुशहर परमाणु संयंत्र का निरीक्षण 1 से 3 जून के बीच किया गया था। ईरान के उप विदेश मंत्री काज़ेम गरीबाबादी ने कहा कि निरीक्षण में आ रही बाधाएं सैन्य हमलों का परिणाम हैं, न कि ईरान के असहयोग की वजह से। उन्होंने IAEA महानिदेशक की इस बात के लिए आलोचना की कि उन्होंने इन हमलों की खुलकर निंदा नहीं की।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का क्या बयान आया है?

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया कि अमेरिकी सुरक्षा बलों ने सफलतापूर्वक ईरान के तीन परमाणु ठिकानों- फोर्डो, नतांज़ और इस्फ़हान पर हमले किए हैं। ट्रंप ने साफ शब्दों में ईरान को धमकी दी है कि अगर उसने इस हमले का कोई जवाब दिया तो अमेरिका फिर से बड़ी कार्रवाई करेगा। ट्रंप ने ईरान से अपना संवर्धित यूरेनियम तुरंत सौंपने की मांग भी दोहराई है। दूसरी तरफ, ईरान ने वैश्विक समुदाय से शांतिपूर्ण परमाणु ठिकानों पर हमलों को पूरी तरह प्रतिबंधित करने वाले नए नियम बनाने की मांग की है।

Frequently Asked Questions (FAQs)

अमेरिका ने ईरान के किन परमाणु ठिकानों को निशाना बनाया है?

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के अनुसार, अमेरिकी सेना ने ईरान के तीन प्रमुख परमाणु ठिकानों- फोर्डो (Fordow), नतांज़ (Natanz) और इस्फ़हान (Esfahan) पर हमले किए हैं।

क्या हमलों के बाद IAEA की टीम ने ईरान के परमाणु स्थलों का दौरा किया?

सैन्य संघर्षों के कारण IAEA की टीम इस्फ़हान, फोर्डो और नतांज़ के परमाणु संयंत्रों का निरीक्षण नहीं कर पाई है, लेकिन बुशहर परमाणु संयंत्र का दौरा 1 से 3 जून के बीच किया गया था।