ईरान का बड़ा दावा, Strait of Hormuz अब हमारे कंट्रोल में, अमेरिका के साथ डील की खबरें आईं सामने

Praggya Singh sabal12 June 20262 min read17 viewsOman

Strait of Hormuz को लेकर ईरान और अमेरिका के बीच तनाव एक बार फिर बढ़ गया है. ईरान के एडमिरल हबीबउल्लाह सयारी ने दावा किया है कि यह सामरिक जलमार्ग पूरी तरह ईरान के नियंत्रण में है. इस बीच अमेरिका और ईरान के बीच एक बड़े समझौते की चर्चाएं भी तेज हो गई हैं, जिससे पूरी दुनिया की नजरें इस इलाके पर टिकी हैं.

ईरान का सख्त दावा और सैन्य नियंत्रण

एडमिरल हबीबउल्लाह सयारी ने 12 जून 2026 को साफ कहा कि Strait of Hormuz पर ईरान का पूरा कब्जा है और इस इलाके में उसकी ताकत बरकरार है. उन्होंने कहा कि अब कोई भी जहाज बिना ईरान की इजाजत के इस रास्ते से नहीं गुजर सकता. सयारी ने यह भी बताया कि जलमार्ग के पश्चिमी हिस्से और फारस की खाड़ी की जिम्मेदारी IRGC नेवी की है, जबकि पूर्वी हिस्से और उत्तरी हिंद महासागर की देखरेख ईरानी नेवी कर रही है.

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अमेरिका के साथ डील और ट्रंप का बयान

इस तनाव के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने संकेत दिया कि ईरान के साथ एक बहुत बड़ा समझौता करीब है. उन्होंने कहा कि इस डील के बाद Strait of Hormuz को फिर से खोला जा सकेगा. हालांकि, ईरान की सरकारी मीडिया और विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बक़ाई ने कहा कि समझौते का ड्राफ्ट लगभग तैयार है, लेकिन अमेरिका के बदलते रुख के कारण अभी अंतिम फैसला नहीं हुआ है. ईरान ने यह भी स्पष्ट किया कि वह किसी भी डील के तहत इस जलमार्ग का कंट्रोल नहीं छोड़ेगा.

ड्रोन हमला और बंद होने का खतरा

घटनाक्रम के अनुसार, 11 जून 2026 को ईरान के सैन्य मुख्यालय ने अमेरिकी हमलों का हवाला देते हुए इस रास्ते को सभी जहाजों के लिए बंद करने का ऐलान किया था. वहीं, अमेरिका ने दावा किया कि उसकी सेना ने दो ईरानी ड्रोन गिराए जो कमर्शियल जहाजों को निशाना बनाने की कोशिश कर रहे थे. US Central Command ने बताया कि उन्होंने आत्मरक्षा में ईरान में कुछ हमले किए, लेकिन उनके मुताबिक कमर्शियल जहाज अभी भी इस रास्ते से आ-जा रहे हैं.

अंतरराष्ट्रीय कानून और ओमान की भूमिका

कानूनी तौर पर Strait of Hormuz एक अंतरराष्ट्रीय जलमार्ग है जिस पर ईरान और Oman दोनों का अधिकार है. अंतरराष्ट्रीय समुद्री कानून (UNCLOS) के तहत यहां ‘ट्रांजिट पैसेज’ का नियम लागू होता है, जिसका मतलब है कि जहाजों के रास्ते में कोई रुकावट नहीं होनी चाहिए. लेकिन ईरान ‘इनोसेंट पैसेज’ के नियम को मानता है, जिससे तटीय देशों को अधिक अधिकार मिलते हैं. ईरानी मीडिया के मुताबिक, भविष्य में इस रास्ते का प्रबंधन ईरान और Oman मिलकर आपसी बातचीत से तय करेंगे.

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