ईरान में सुप्रीम लीडर Ayatollah Ali Khamenei की मौत के बाद पूरे देश में भारी तनाव और गुस्सा है. लोग सड़कों पर उतरकर अमेरिका और इसराइल से बदला लेने की मांग कर रहे हैं. 6 जुलाई को तेहरान में लाखों की संख्या में लोग जमा हुए और बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन किया, जिसे crimson protests कहा जा रहा है.
लाल झंडों के साथ बदला लेने की मांग
इन प्रदर्शनों में बड़ी संख्या में लाल झंडे और बैनर देखे जा रहे हैं. शिइत परंपरा में लाल रंग का इस्तेमाल यह बताने के लिए किया जाता है कि किसी मासूम का खून बहाया गया है और अब उसका बदला लेना जरूरी है. प्रदर्शनकारी “बदला, बदला”, “अमेरिका की मौत” और “इसराइल की मौत” जैसे नारे लगा रहे हैं. कई लोगों ने पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump के खिलाफ भी नारे लगाए क्योंकि उन्हें इस हमले के लिए जिम्मेदार माना जा रहा है.
अंतिम संस्कार का पूरा कार्यक्रम
सुप्रीम लीडर का अंतिम संस्कार 4 जुलाई से शुरू हुआ है और यह पूरे हफ्ते चलेगा. इसके लिए प्रशासन ने बड़े पैमाने पर तैयारी की है:
- 6 जुलाई: तेहरान में लाखों लोगों का बड़ा जुलूस निकाला गया.
- 7 जुलाई: Qom शहर में जुलूस निकाला जाएगा.
- 8 जुलाई: Najaf और Karbala में कार्यक्रम होंगे.
- 10 जुलाई: Mashhad में उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा.
तेहरान में भीड़ को देखते हुए सड़कों और हवाई क्षेत्र को बंद कर दिया गया है. सरकार लोगों को लाने-ले जाने के लिए बसें, रहने की जगह और खाने का इंतजाम भी कर रही है.
सरकार और सेना का कड़ा रुख
ईरान के खुफिया मंत्रालय ने साफ कहा है कि वे इस खून का बदला जरूर लेंगे. सेना के बड़े कमांडरों ने भी 3 जुलाई को एक पत्र पर साइन किए, जिसमें उन्होंने नए नेतृत्व के निर्देशों का पालन करने और बदला लेने की बात कही है. संसद स्पीकर Mohammad Bagher Ghalibaf ने इस भीड़ को एक संकेत बताया कि ईरान अपने रास्ते पर आगे बढ़ता रहेगा. इस पूरे कार्यक्रम का आधिकारिक नारा “हमें उठना होगा” रखा गया है.
नए सुप्रीम लीडर की स्थिति
Ayatollah Ali Khamenei की मौत के बाद 8 मार्च 2026 को उनके बेटे Ayatollah Mojtaba Khamenei को नया सुप्रीम लीडर नियुक्त किया गया था. हालांकि, सुरक्षा कारणों से वे अब तक किसी भी सार्वजनिक कार्यक्रम में नजर नहीं आए हैं. खबर है कि वे भी उसी हवाई हमले में घायल हुए थे जिसमें उनके पिता की जान गई थी.
