मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के बीच शांति बनाए रखने की कोशिशें तेज हो गई हैं। 26 जुलाई 2026 को इंटरनेशनल एटॉमिक एनर्जी एजेंसी (IAEA) के डायरेक्टर जनरल Rafael Mariano Grossi और पाकिस्तान के डिप्टी प्राइम मिनिस्टर और विदेश मंत्री Mohammad Ishaq Dar के बीच फोन पर बातचीत हुई। इस चर्चा का मुख्य उद्देश्य अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे सैन्य तनाव को कम करना और बातचीत का रास्ता खोलना था।
शांति के लिए कूटनीति का रास्ता
पाकिस्तान लंबे समय से क्षेत्र में शांति के लिए बातचीत को ही एकमात्र जरिया मानता है। विदेश मंत्री Mohammad Ishaq Dar ने 24 जुलाई को शंघाई सहयोग संगठन (SCO) की बैठक के दौरान ईरान के विदेश मंत्री Seyed Abbas Araghchi से मुलाकात की थी, जिसमें उन्होंने जून 2026 के Islamabad MoU के महत्व को फिर से दोहराया। पाकिस्तान के IAEA में राजदूत Mohammad Kamran Akhtar ने भी ईरान और IAEA के बीच हुए परमाणु सुरक्षा समझौतों के फिर से शुरू होने का स्वागत किया है।
परमाणु कार्यक्रम और सुरक्षा पर नजर
IAEA के प्रमुख Rafael Mariano Grossi ने स्पष्ट किया है कि ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर निगरानी और बातचीत जरूरी है। उन्होंने ईरान में परमाणु हथियारों को रोकने के लिए एक मजबूत वेरिफिकेशन सिस्टम की आवश्यकता जताई है। फिलहाल, खबरों के मुताबिक अमेरिका और ईरान के बीच सैन्य हमलों में एक अस्थायी विराम देखा गया है, और ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य में सुरक्षित शिपिंग के लिए ओमान के साथ भी चर्चा की है, जिसे एक सकारात्मक कदम माना जा रहा है।
