ईरान और अमेरिका के बीच तनाव एक बार फिर गहरा गया है। ईरान के विदेश मंत्रालय ने अमेरिका के व्यवहार और उसके बयानों पर कड़ा ऐतराज जताया है। ईरान का कहना है कि ट्रंप के ट्वीट अब हकीकत नहीं बदल सकते। यह विवाद अमेरिका द्वारा स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज़ में ईरानी जहाजों पर किए गए हमलों के बाद शुरू हुआ है।

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ईरान ने अमेरिका और ट्रंप की आलोचना क्यों की?

ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता Esmaeil Baghaei ने 8 मई 2026 को एक बयान जारी किया। उन्होंने अमेरिका के व्यवहार को मनमौजी और बदमिजाज बताया। Baghaei ने कहा कि ट्रंप के बेतुके ट्वीट्स का अब कोई प्रभाव नहीं रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिका की कानूनविहीन लापरवाही के नतीजे अब सबके सामने हैं। उन्होंने ट्रंप द्वारा पहले इस्तेमाल किए गए ‘लव टैप’ शब्द का जिक्र करते हुए इसे एक बड़ा अपमान बताया।

ईरान के विदेश मंत्री ने क्या चेतावनी दी?

ईरान के विदेश मंत्री Abbas Araghchi ने भी इस मामले में अपनी बात रखी। उन्होंने X पर पोस्ट करते हुए कहा कि जब भी बातचीत का मौका होता है, अमेरिका सैन्य कार्रवाई का रास्ता चुनता है। उन्होंने सवाल किया कि क्या अमेरिका फिर से किसी बड़ी मुसीबत में फंसने वाला है। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि ईरानी लोग किसी भी दबाव के आगे नहीं झुकेंगे। ईरान ने यह भी साफ किया कि वह स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज़ पर अपनी संप्रभुता बनाए रखेगा।

Frequently Asked Questions (FAQs)

ईरान और अमेरिका के बीच विवाद की मुख्य वजह क्या है?

इस विवाद की मुख्य वजह स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज़ में ईरानी जहाजों पर अमेरिका द्वारा किए गए सैन्य हमले हैं।

ईरान के अधिकारियों ने ट्रंप के बारे में क्या कहा?

प्रवक्ता Esmaeil Baghaei ने कहा कि ट्रंप के ट्वीट अब प्रभावहीन हो चुके हैं और उनकी हरकतें अहंकार और गलत गणना का परिणाम हैं।