Strait of Hormuz: ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अरागची ने अमेरिकी खुफिया एजेंसी को घेरा, कहा गलतियों की वजह से बढ़ा तनाव।

होरमुज जलडमरूमध्य में जारी तनाव के बीच ईरान के विदेश मंत्री Abbas Araghchi ने अमेरिकी खुफिया क्षमताओं पर बड़ा सवाल उठाया है। उन्होंने साफ कहा कि अमेरिकी खुफिया एजेंसियों की पुरानी गलतियों और गलत आकलन के कारण मौजूदा संघर्ष और ज्यादा बढ़ गया है। यह बयान IRNA News Agency के माध्यम से 13 अगस्त 2026 को सामने आया है, जिसमें Strait of Hormuz को हालिया रणनीतिक भूलों का मुख्य केंद्र बताया गया है। युद्ध के 167वें दिन भी ईरान अपने रुख पर पूरी तरह कायम है और उसका कहना है कि जब तक वाशिंगटन उनकी सभी मांगें नहीं मान लेता, तब तक यह अहम जलमार्ग बंद ही रहेगा।
अमेरिकी दावे और जमीनी हकीकत
दूसरी तरफ, अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने दावा किया है कि अमेरिका का इस जलमार्ग पर पूरा नियंत्रण है और वहां अमेरिकी नौसेना का एक मजबूत सुरक्षा घेरा यानी 'Wall of Steel' मौजूद है। हालांकि, जमीन पर हालात कुछ और ही बयां कर रहे हैं और व्यापारिक जहाजों की आवाजाही में भारी गिरावट आई है। 28 फरवरी को शुरू हुए इस संघर्ष से पहले जहां रोजाना 130 जहाज इस रास्ते से गुजरते थे, वहीं अब यह संख्या घटकर मात्र आठ जहाज प्रतिदिन रह गई है। इस बीच, ईरान और ओमान के बीच नई समुद्री व्यवस्थाओं को लेकर बातचीत चल रही है, लेकिन अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि इसका मतलब यह नहीं है कि जलमार्ग तुरंत खोल दिया जाएगा।
अंतर्राष्ट्रीय दबाव और मानवाधिकार के मुद्दे
इस पूरे घटनाक्रम के दौरान वैश्विक स्तर पर दबाव लगातार बढ़ता जा रहा है। दुनिया भर के 30 से अधिक देशों ने ईरान में दी जाने वाली सजा-ए-मौत को लेकर उसकी कड़ी आलोचना की है। इस आलोचना पर प्रतिक्रिया देते हुए ईरानी मंत्री Abbas Araghchi ने इसे पूरी तरह से दोहरा रवैया बताया। उन्होंने कहा कि एक तरफ अंतरराष्ट्रीय समुदाय गाजा में इजराइल की सैन्य कार्रवाइयों का समर्थन कर रहा है और दूसरी तरफ ईरान पर सवाल उठा रहा है, जो कि पूरी तरह से गलत और शर्मनाक है। इस तनातनी के कारण खाड़ी देशों में व्यापार और सामान्य जनजीवन पर भी गहरा असर पड़ रहा है, जिससे आम लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।