ईरान के आम लोगों के लिए मुसीबतें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। वहां की करेंसी तोमान एक बार फिर बुरी तरह गिर गई है, जिससे बाजार में हाहाकार मचा है। अब एक अमेरिकी डॉलर की कीमत 1 लाख 91 हजार तोमान तक पहुंच गई है। महंगाई और आर्थिक तंगी ने वहां के नागरिकों का जीना मुश्किल कर दिया है।

📰: Abu Dhabi: बैंकिंग और फाइनेंस सेक्टर में आने वाला है बड़ा बदलाव, क्राउन प्रिंस और HSBC CEO की मीटिंग में हुई खास चर्चा

ईरान की करेंसी और महंगाई का पूरा हिसाब

ईरान में पिछले कुछ दिनों से डॉलर के मुकाबले रियाल और तोमान की वैल्यू तेजी से गिरी है। पिछले एक साल में तो मुद्रा की कीमत में भारी गिरावट आई है। बाजार के ताजा आंकड़े नीचे दी गई टेबल में देखे जा सकते हैं:

विवरण आंकड़ा/कीमत
ताजा रेट (4 मई 2026) 191,150 तोमान प्रति डॉलर
पिछले एक हफ्ते में डॉलर की बढ़त 21.98%
पिछले 12 महीनों में गिरावट 3,028.62%
कुल महंगाई दर 73.5%
खाद्य पदार्थों की महंगाई 115%
मासिक न्यूनतम वेतन 170 मिलियन रियाल से कम (92 डॉलर)
इंटरनेट शटडाउन से दैनिक नुकसान 80 मिलियन डॉलर

करेंसी गिरने की मुख्य वजह क्या है?

अमेरिका के Treasury विभाग (OFAC) ने ईरान के तीन विदेशी मुद्रा विनिमय केंद्रों और उनसे जुड़ी कंपनियों पर प्रतिबंध लगाए हैं। इसे “Economic Fury campaign” कहा जा रहा है, जिसका मकसद ईरान के उस बैंकिंग सिस्टम को खत्म करना है जिससे प्रतिबंधों के बावजूद पैसा इधर-उधर किया जाता था। ईरान के वित्त मंत्री ने इस गिरावट के लिए “Twelve-Day War” के असर को जिम्मेदार ठहराया है। साथ ही, वहां पिछले 65 दिनों से इंटरनेट बंद है, जिससे व्यापार बुरी तरह प्रभावित हुआ है।

आम जनता और देश की स्थिति पर असर

महंगाई इतनी बढ़ गई है कि आम लोगों के लिए बुनियादी चीजें खरीदना भी मुश्किल हो गया है। इस संकट से निपटने के लिए सरकार नागरिकों को मिलने वाले वाउचर की कीमत दोगुनी करने पर विचार कर रही है। वहीं, ईरान के सुप्रीम लीडर अली खामेनेई ने लोगों से भोजन, पानी और ईंधन की खपत कम करने की अपील की है। इस बीच, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने यह संकेत दिया है कि अगर कूटनीतिक बातचीत से कोई रास्ता नहीं निकला, तो ईरान के खिलाफ बड़ी सैन्य कार्रवाई की जा सकती है।

Frequently Asked Questions (FAQs)

ईरान में डॉलर की ताजा कीमत क्या है?

4 मई 2026 को खुले बाजार में 1 अमेरिकी डॉलर की कीमत लगभग 1,91,150 तोमान या 19,11,500 रियाल दर्ज की गई।

ईरान की अर्थव्यवस्था इतनी खराब क्यों हो गई है?

अमेरिकी प्रतिबंधों, युद्ध के नुकसान, 73.5% की समग्र महंगाई और लंबे समय से जारी इंटरनेट शटडाउन की वजह से आर्थिक स्थिति बिगड़ी है।