एलन मस्क (Elon Musk) की कंपनी स्टारलिंक (Starlink) को ईरान में भारी नुकसान का सामना करना पड़ा है। ईरान की सरकार और सुरक्षा बलों ने स्टारलिंक के सैटेलाइट इंटरनेट सिग्नल्स को जाम करने के लिए बड़ा इलेक्ट्रॉनिक हमला किया है। इसके कारण तेहरान, कुर्दिस्तान और सिस्तान-बलूचिस्तान जैसे कई इलाकों में इंटरनेट सर्विस पूरी तरह से ब्लैकआउट हो गई है। यह कोई मिसाइल या हथियारों वाला हमला नहीं है, बल्कि सिग्नल्स को रोकने के लिए की गई एक सख्त साइबर कार्रवाई है।

👉: White House का बड़ा ऐलान, ईरान में मिशन पूरा होने तक पीछे नहीं हटेंगे President Trump

ईरान ने क्यों किया Starlink पर हमला

ईरान सरकार का कहना है कि स्टारलिंक उनके देश में बिना किसी कानूनी मंजूरी और ‘लैंडिंग राइट’ लाइसेंस के काम कर रहा है। इसे राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए एक बड़ा खतरा माना जा रहा है।

  • ईरान के ICT मंत्रालय ने साफ किया है कि जो भी इंटरनेट सिग्नल उनके नेशनल इंफॉर्मेशन नेटवर्क (NIN) के बाहर काम करेगा, उसे रोक दिया जाएगा।
  • ईरान ने अंतरराष्ट्रीय दूरसंचार संघ (ITU) में भी स्टारलिंक के खिलाफ आधिकारिक शिकायत दर्ज कराई है और कहा है कि यह उनके देश के नियमों का उल्लंघन है।
  • सुरक्षा बलों ने रेडियो-फ्रीक्वेंसी स्कैनर का इस्तेमाल तेज कर दिया है ताकि छिपे हुए स्टारलिंक डिश को खोज कर जब्त किया जा सके।

यूज़र्स और ब्लैक मार्केट पर असर

इस इलेक्ट्रॉनिक कार्रवाई के कारण स्टारलिंक का इस्तेमाल करने वाले लोगों को काफी परेशानी और आर्थिक नुकसान झेलना पड़ रहा है। लगातार डिश जब्त होने की वजह से देश में हार्डवेयर की कमी हो गई है।

सख्त पाबंदियों और जब्ती के डर के बावजूद ईरान के ब्लैक मार्केट में स्टारलिंक किट की डिमांड बनी हुई है। सर्विस में रुकावट होने पर भी एक टर्मिनल की कीमत ब्लैक मार्केट में 1500 से 2000 डॉलर तक पहुंच गई है। यह उन लोगों के लिए एक बड़ा नुकसान है जिन्होंने महंगे दामों पर यह सेटअप खरीदा था।

SpaceX और Elon Musk का जवाब

हाल के घंटों में एलन मस्क की तरफ से कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है, लेकिन उन्होंने पहले भी बताया था कि स्टारलिंक ऐसे हमलों से बचने के लिए एडवांस एंटी-जैमिंग सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल करता है।

मिली जानकारी के अनुसार, SpaceX की टेक्निकल टीम अपने डिश और टर्मिनल्स में नए फर्मवेयर अपडेट भेज रही है। इसका मकसद ईरान द्वारा लगाई जा रही इस नई सिग्नल रुकावट को बायपास करना है ताकि वहां के यूज़र्स को दोबारा से इंटरनेट से जोड़ा जा सके।

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.