ईरान इस समय भारी आर्थिक संकट से जूझ रहा है. अमेरिका के कड़े दबाव और होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) की नाकेबंदी की वजह से ईरान को हर दिन करीब 500 मिलियन डॉलर का नुकसान हो रहा है. इसके साथ ही अमेरिका ने समुद्री रास्तों को सुरक्षित बनाने के लिए नए सैन्य अभियान की शुरुआत कर दी है ताकि व्यापारिक जहाजों को कोई खतरा न हो.
ईरान को कितना हो रहा है आर्थिक नुकसान और क्या हैं नए प्रतिबंध
अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने जानकारी दी थी कि होर्मुज जलडमरूमध्य की नाकेबंदी के कारण ईरान को रोजाना 500 मिलियन डॉलर का नुकसान उठाना पड़ रहा है. इसी बीच अमेरिका के State Department और Treasury Department ने ईरान के तेल व्यापार और वित्तीय ढांचे पर कड़े प्रतिबंध लगाए हैं. इस पूरे अभियान को ‘Economic Fury’ नाम दिया गया है. इसका मुख्य मकसद ईरान के अवैध तेल व्यापार को रोकना और उसके जरिए होने वाली आतंकी फंडिंग पर लगाम लगाना है.
क्या है ‘Project Freedom’ और संयुक्त राष्ट्र का नया प्रस्ताव
अमेरिकी रक्षा विभाग (Pentagon) ने ‘Project Freedom’ नाम से एक नया सैन्य ऑपरेशन शुरू किया है. रक्षा सचिव Pete Hegseth और जनरल Dan Caine ने बताया कि इसका उद्देश्य Strait of Hormuz से गुजरने वाले कमर्शियल जहाजों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है. इसके अलावा, संयुक्त राष्ट्र (UN) में एक नया ड्राफ्ट प्रस्ताव लाया गया है. इस प्रस्ताव के अनुसार, अगर ईरान जहाजों पर हमले नहीं रोकता और समुद्री सुरंगों (mines) की जगह उजागर नहीं करता, तो उस पर कड़े प्रतिबंध लगाए जाएंगे. यह प्रस्ताव UN चार्टर के चैप्टर 7 के तहत बनाया गया है, जिसका मतलब है कि जरूरत पड़ने पर सैन्य कार्रवाई भी की जा सकती है.
Frequently Asked Questions (FAQs)
ईरान को रोजाना कितना आर्थिक नुकसान हो रहा है
अमेरिका के मुताबिक, होर्मुज जलडमरूमध्य की नाकेबंदी और आर्थिक दबाव की वजह से ईरान को हर दिन लगभग 500 मिलियन डॉलर का नुकसान उठाना पड़ रहा है.
‘Project Freedom’ का मुख्य उद्देश्य क्या है
यह अमेरिकी रक्षा विभाग का एक सैन्य ऑपरेशन है, जिसका मकसद Strait of Hormuz में व्यापारिक जहाजों के सुरक्षित आवागमन को सुनिश्चित करना है.