ईरान के खुज़ेस्तान प्रांत में बन रहे डारखोविन (Darkhovin) न्यूक्लियर पावर प्लांट पर हमले की खबर सामने आई है। ईरान के परमाणु ऊर्जा संगठन (AEOI) ने आधिकारिक तौर पर जानकारी दी कि 19 जुलाई 2026 को सुबह करीब 3:39 बजे अमेरिकी सेना द्वारा इस साइट पर कई मिसाइलें दागी गईं। ईरान ने इस हमले को बेहद आक्रामक और अंतरराष्ट्रीय कानूनों के खिलाफ बताया है।
लगातार बढ़ रहा है तनाव
ईरान की मेहर और तस्नीम न्यूज एजेंसी के अनुसार, इस हमले के लिए ईरान ने सीधे तौर पर अमेरिकी सेना और CENTCOM को जिम्मेदार ठहराया है। साल 2025 के मध्य से ईरान के परमाणु ठिकानों पर अमेरिका और इजराइल की सैन्य कार्रवाई का सिलसिला जारी है। हालिया घटनाक्रम के तहत, दो अमेरिकी सैन्य कर्मियों की मौत के बदले में अमेरिका लगातार ईरान पर जवाबी हमले कर रहा है।
अन्य क्षेत्रों में भी मचा हड़कंप
CENTCOM ने लगातार आठवीं रात ईरान के तटीय निगरानी केंद्रों, एयर डिफेंस फैसिलिटीज और इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स के ठिकानों को निशाना बनाया है। इस दौरान बंदर अब्बास और केश्म द्वीप पर भी जोरदार धमाके सुने गए। हमले में एक वाटर डिसेलिनेशन प्लांट के तबाह होने से आसपास के गांवों में पानी की सप्लाई भी बाधित हुई है, जिससे स्थानीय लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं।
