ईरान ने एक बहुत बड़ा और चौंकाने वाला फैसला लिया है। अब वह एलन मस्क की उन सभी संपत्तियों को मिलिट्री टारगेट मानेगा जो मिडिल ईस्ट में हैं। इसमें स्पेसएक्स की स्टारलिंक सैटेलाइट इंटरनेट सर्विस और उससे जुड़े ग्राउंड स्टेशन शामिल हैं, जिससे पूरे इलाके में तनाव बढ़ गया है।

क्या है पूरा मामला

ईरान की सेमी-ऑफिशियल समाचार एजेंसी Fars News Agency ने 11 जून 2026 को यह खबर दी। रिपोर्ट के मुताबिक ईरान अब वेस्ट एशिया, अरब देशों और इसराइल में एलन मस्क की आर्थिक होल्डिंग्स की जांच कर रहा है ताकि उन्हें अपनी नई मिलिट्री टारगेट लिस्ट में शामिल किया जा सके। एजेंसी ने एक सूत्र के हवाले से कहा कि ईरान को उन सभी सुविधाओं पर हमला करने का हक है जो मस्क की कंपनियों से जुड़ी हैं।

किन संपत्तियों पर है खतरा

ईरान ने मस्क की कई कंपनियों और उनके इंफ्रास्ट्रक्चर को निशाने पर लिया है। इसमें मुख्य रूप से ये शामिल हैं:

  • Starlink: इसराइल, कतर, जॉर्डन, UAE और ओमान में मौजूद ग्राउंड स्टेशन।
  • Starshield: अमेरिका की सेना को दी जाने वाली निगरानी और सुरक्षित डेटा ट्रांसफर की सेवाएं।
  • X और Tesla: सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X और टेस्ला कंपनी, जो इसराइल, UAE, कतर और सऊदी अरब में काम करती हैं।
  • निवेशक कंपनियां: UAE की दो बड़ी कंपनियां Alpha Dhabi और Mubadala, जिनका स्पेसएक्स में हिस्सा है, उन्हें भी इस लिस्ट में शामिल करने पर विचार हो रहा है।

ईरान ने यह कदम क्यों उठाया

ईरान का आरोप है कि अमेरिका और इसराइल ने मस्क की स्टारलिंक जैसी सुविधाओं का इस्तेमाल ईरान के खिलाफ हमलों में किया है। ईरान ने इसे युद्ध अपराध बताया है और दावा किया कि दक्षिण ईरान में पानी के इंफ्रास्ट्रक्चर पर हुए हमलों में इन तकनीकों का इस्तेमाल हुआ।

इसके अलावा यह भी बताया गया कि अमेरिका की सेना ने ईरान के साथ चल रहे संघर्ष में कामिकाजे ड्रोन को गाइड करने के लिए स्टारलिंक का इस्तेमाल किया। साथ ही, इस साल तेहरान में हुए विरोध प्रदर्शनों के दौरान इंटरनेट पाबंदियों को तोड़ने के लिए हजारों स्टारलिंक राउटर गैरकानूनी तरीके से ईरान के अंदर भेजे गए थे।

यह सब ऐसे समय में हो रहा है जब अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान पर कड़े हमलों की चेतावनी दी है और दोनों देशों के बीच तनाव काफी बढ़ गया है।