ईरान के राष्ट्रपति Masoud Pezeshkian ने 20 जुलाई 2026 को यह ऐलान किया कि उनका देश अमेरिका के साथ पूर्ण युद्ध यानी ‘फुल-स्केल वॉर’ में है। उन्होंने तेहरान में आयोजित एक बैठक के दौरान साफ कहा कि इस समय अर्थव्यवस्था ही सबसे बड़ा युद्ध का मैदान है। उन्होंने माना कि सैन्य सफलताएं तब तक पूरी नहीं मानी जा सकतीं जब तक लोगों की रोजी-रोटी सुरक्षित न हो।
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अर्थव्यवस्था पर संकट और महंगाई
ईरान के लिए आर्थिक स्थिति काफी चुनौतीपूर्ण बनी हुई है। देश में महंगाई दर जून महीने में बढ़कर 88.6% तक पहुंच गई है। युद्ध के हालात और व्यापार पर लगी पाबंदियों के कारण ईरानी रियाल की कीमत में भारी गिरावट आई है। स्थिति यह है कि रियाल का भाव पहले के मुकाबले गिरकर 1.9 मिलियन प्रति डॉलर से ऊपर चला गया है। राष्ट्रपति ने बताया कि सरकार का मुख्य काम परिवारों पर पड़ रहे आर्थिक बोझ को कम करना है।
बजट और सैन्य खर्च का विवरण
राष्ट्रपति Pezeshkian ने जानकारी दी कि तेल निर्यात से हुई 20 मिलियन डॉलर की कमाई को राज्य के बजट से निकालकर सीधे IRGC Aerospace Force को सैन्य उपकरणों की खरीद के लिए भेजा गया है। ईरान और अमेरिका के बीच तनाव ऐसे समय में बढ़ा है जब हाल ही में अमेरिका ने ईरान के दक्षिणी प्रांतों में हमले किए और जवाब में ईरान ने कुवैत, बहरीन और जॉर्डन में स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर मिसाइल और ड्रोन से हमला किया।
