ईरान ने अमेरिका और इसराइल पर रणनीतिक जीत का किया दावा, 24 अगस्त को अमेरिका लगाएगा अब तक के सबसे कड़े प्रतिबंध

अंतरराष्ट्रीय राजनीति में इस वक्त तनाव अपनी चरम सीमा पर पहुंच गया है और हर तरफ इसी बात की चर्चा हो रही है कि आने वाले दिनों में हालात कितने और बिगड़ सकते हैं। ईरान ने अमेरिका और इसराइल के खिलाफ अपनी बड़ी जीत का ऐलान कर दिया है और साथ ही यह भी साफ कर दिया है कि वह किसी भी बाहरी दबाव के आगे नहीं झुकने वाला है। ईरान की तरफ से यह बड़ा बयान ऐसे समय में सामने आया है जब देश के भीतर महंगाई आसमान छू रही है और आर्थिक स्थिति काफी खराब दौर से गुजर रही है।
ईरान का रक्षा दिवस पर बड़ा ऐलान
दिनांक 22 अगस्त 2026 को ईरान ने अपना नेशनल डिफेंस इंडस्ट्री डे मनाया। इस खास मौके पर कार्यवाहक रक्षा मंत्री ब्रिगेडियर जनरल सैयद मजीद इब्न रजा ने देश को संबोधित किया। उन्होंने पूरी दुनिया के सामने यह दावा किया कि ईरान ने अपने खुद के हथियारों और डिफेंस सिस्टम के दम पर अमेरिका और इसराइल के ऊपर रणनीतिक जीत हासिल कर ली है। मंत्री ने यह भी बताया कि देश के पास कई ऐसे आधुनिक और गुप्त सैन्य हथियार तैयार रखे हैं जिन्हें अभी तक दुनिया के सामने नहीं लाया गया था और आने वाले संघर्षों में इनका खुलकर इस्तेमाल किया जाएगा। इसके अलावा उन्होंने घरेलू रक्षा उद्योग को देश की आर्थिक स्थिरता के लिए बेहद जरूरी बताया।
सैन्य नीति में बदलाव और आक्रामक रुख
ईरान की सेना ने अपनी पुरानी रणनीतियों में बड़ा बदलाव करते हुए अब अपनी रक्षात्मक यानी डिफेंसिव नीति को आक्रामक यानी ओफेंसिव नीति में बदल दिया है। सेना के प्रवक्ता ब्रिगेडियर जनरल मोहम्मद अकरमिनिया ने मीडिया को बताया कि अब ईरान किसी भी दुश्मन की कार्रवाई का इंतजार नहीं करेगा बल्कि तुरंत और बहुत बड़े पैमाने पर उसका जवाब देगा। इस नई नीति के तहत ईरानी सीमा के अंदर घुसने वाले अमेरिकी सैनिकों को पकड़ने या खत्म करने के लिए सरकार ने इनाम की घोषणा की है। इसके तहत 5 बिलियन तोमान यानी लगभग 26,000 अमेरिकी डॉलर का इनाम रखा गया है और महिला सैनिकों को पकड़ने पर इससे भी ज्यादा राशि दी जाएगी। हालात को और ज्यादा नियंत्रित करने के लिए खातम अल-अंबिया सेंट्रल हेडक्वार्टर का विलय आर्म्ड फोर्सेस के जनरल स्टाफ के साथ कर दिया गया है ताकि फैसले बहुत तेजी से लिए जा सकें।
कड़ी चेतावनी और प्रतिबंधों की तैयारी
चीफ ऑफ स्टाफ मेजर जनरल अली अब्दुल्लाहि ने 22 अगस्त को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि विरोधियों ने कोई भी गलत कदम उठाया तो जमीन, समुद्र, हवा, अंतरिक्ष और साइबर स्पेस में ऐसा विनाशकारी जवाब दिया जाएगा जिसकी किसी ने कल्पना भी नहीं की होगी। वहीं दूसरी तरफ विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने अमेरिका की तरफ से आने वाले नए आर्थिक प्रतिबंधों को खुले तौर पर पुराना उपनिवेशवाद करार दिया है। एक तरफ राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन युद्ध के मैदान में अपनी जीत का दावा कर रहे हैं, तो दूसरी तरफ ईरानी अधिकारियों ने यह भी मान लिया है कि देश में 960 ट्रियन तोमान का बजट घाटा चल रहा है और महंगाई दर 90 प्रतिशत से ऊपर निकल चुकी है। अमेरिकी ट्रेजरी सचिव स्कॉट बेसेंट ने घोषणा की है कि संयुक्त राज्य अमेरिका 24 अगस्त 2026 को ईरान के खिलाफ इतिहास के सबसे कड़े प्रतिबंध लगाने जा रहा है जिसमें नौसेना की नाकाबंदी भी शामिल हो सकती है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रैम्प ने भी चेतावनी दी है कि जो भी देश ईरान का साथ देगा उसे भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ेगा।