अमेरिका और इसराइल के साथ चल रहे संघर्ष के बीच ईरान ने अपनी जीत का दावा किया है. पूर्व अमेरिकी ट्रेजरी विश्लेषक जोनाथन शांज़र के मुताबिक, ईरान का मानना है कि इस भीषण हमले के बाद भी उसका बच जाना ही उसकी सबसे बड़ी जीत है. हालांकि इस जंग में ईरान की मिसाइल ताकत और परमाणु क्षमताओं को भारी नुकसान पहुँचा है, लेकिन उसने छापामार युद्ध के जरिए अपनी मौजूदगी दर्ज कराई है.

इस संघर्ष में ईरान ने कैसे किया पलटवार?

ईरान ने इस युद्ध में सीधी लड़ाई के बजाय एसिमेट्रिक वॉर यानी छापामार तरीके का इस्तेमाल किया है. जोनाथन शांज़र ने बताया कि ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को बंद करने की कोशिश की, जिससे पूरी दुनिया में तेल की सप्लाई पर असर पड़ा है. हालांकि इसराइल का दावा है कि उसने ईरान की यूरेनियम संवर्धन और मिसाइल बनाने की क्षमता को खत्म कर दिया है, लेकिन ईरान का सर्वाइवल उसकी रणनीति का हिस्सा रहा है. इस संघर्ष में ईरान के सहयोगी संगठन जैसे हिजबुल्लाह और हूती फिलहाल काफी कमजोर स्थिति में नजर आ रहे हैं.

खाड़ी देशों और वहां रहने वालों पर क्या असर पड़ा?

इस तनाव का सीधा असर बहरीन, कुवैत, कतर और यूएई जैसे खाड़ी देशों पर देखा गया है. ईरान की तरफ से किए गए ड्रोन और मिसाइल हमलों ने इन देशों में मौजूद अमेरिकी ठिकानों और नागरिक सुविधाओं को निशाना बनाया है. इसकी वजह से जो नुकसान हुआ है, उसका विवरण नीचे दिया गया है:

प्रभावित क्षेत्र असर का प्रकार
तेल की कीमतें कच्चे तेल के दामों में भारी उछाल आया
शिपिंग खर्च समुद्री जहाजों का बीमा और किराया बढ़ गया
सुरक्षा खाड़ी देशों में रहने वाले प्रवासियों के लिए चिंता बढ़ी
नागरिक सुविधा ड्रोन हमलों से इंफ्रास्ट्रक्चर को नुकसान पहुँचा
सप्लाई चेन सामान की आवाजाही में देरी होने लगी
बाजार शेयर बाजार और व्यापार पर दबाव दिखा

क्या शांति के लिए कोई नई पहल हो रही है?

ताजा जानकारी के अनुसार, पाकिस्तान इस मामले में एक मध्यस्थ की भूमिका निभा रहा है, जो काफी अलग बात है. वह अमेरिका और ईरान के बीच समझौता कराने की कोशिशों में जुटा है. इसके साथ ही चीन के भी इस मामले में शामिल होने की उम्मीद है ताकि ईरान को बातचीत की मेज पर लाया जा सके. दूसरी तरफ, कुछ जानकारों का कहना है कि अमेरिका और इसराइल का यह हमला अंतरराष्ट्रीय नियमों के खिलाफ था क्योंकि इसके लिए जरूरी मंजूरी नहीं ली गई थी. फिलहाल क्षेत्र में तनाव बना हुआ है और तेल की कीमतों पर प्रवासियों की नजर टिकी है.

Sushma Kumari

Shushma covers Stories Around Expats and Helpful Contents Related to Daily life of Public. She completed Mass Communication Degree From Makhan lal Chaturvedi College Bhopal and Has 3 years of Field Experience. Earlier She Worked with Jagran Media Patna Office and Now Working with GulfHindi.com