ईरान के डिफेंस अधिकारियों ने एक बड़ा दावा किया है। उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय पाबंदियों की वजह से देश की सैन्य ताकत और बढ़ गई है। अब ईरान अपने हथियार और सैन्य उपकरण खुद बनाने में ज्यादा सक्षम हो गया है।

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Iran Electronics Industries के सीईओ ब्रिगेडियर जनरल Amir Rastegari ने बताया कि सेना के 90 प्रतिशत से ज्यादा उपकरण अब देश में ही डिजाइन और बनाए जा रहे हैं। इसमें अंतरिक्ष, हवा, समुद्र और जमीन के लिए 7,000 से ज्यादा सैन्य सिस्टम शामिल हैं। इनमें आधुनिक जहाज, एडवांस रडार, इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर और सोनार सिस्टम जैसे बड़े हथियार शामिल हैं। अधिकारियों ने यह भी कहा कि हर घरेलू जहाज के लिए सिमुलेशन सिस्टम लगाया गया है ताकि उसकी तैयारी पक्की रहे।

एयर फोर्स कमांडर Ali Reza Sabahi-Fard ने कहा कि पाबंदियों से मिसाइल और ड्रोन बनाने के काम में कोई रुकावट नहीं आएगी। उन्होंने इस इंडस्ट्री के भविष्य को बहुत उज्ज्वल बताया। ईरान ने हाल ही में Arman एंटी-बैलिस्टिक मिसाइल सिस्टम बनाया है जो 120 से 180 किलोमीटर की दूरी तक वार कर सकता है। इसके अलावा 50 किलोमीटर रेंज वाला Azarakhsh एयर डिफेंस सिस्टम और 1,400 किलोमीटर रेंज वाली Fattah हाइपरसोनिक बैलिस्टिक मिसाइल भी तैयार की है।

रियर एडमिरल Habibollah Sayyari के मुताबिक यह तरक्की ईरान के पढ़े-लिखे युवाओं और एक्सपर्ट्स की मेहनत का नतीजा है।

दूसरी तरफ अमेरिका के Treasury विभाग (OFAC) ने ईरान पर दबाव बढ़ाया है। अमेरिका ने मध्य पूर्व, एशिया और पूर्वी यूरोप की 10 कंपनियों और लोगों पर पाबंदी लगाई है। इसका मकसद Shahed ड्रोन और बैलिस्टिक मिसाइलों के लिए कच्चा माल और हथियार जुटाने के रास्ते बंद करना है। अमेरिका ने इसमें ईरान की Pishgam Electronic Safeh कंपनी और चीन की Hitex Insulation का नाम भी लिया है।

Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.