US-Iran Peace Talks: पाकिस्तान पहुँचा ईरान का प्रतिनिधिमंडल, अमेरिका के साथ शांति वार्ता की तैयारी, इस्लामाबाद में बढ़ी सुरक्षा
ईरान का एक बड़ा प्रतिनिधिमंडल शुक्रवार रात को पाकिस्तान पहुँचा है। इस टीम की अगुवाई विदेश मंत्री Seyed Abbas Araghchi कर रहे हैं। यह मुलाकात अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे तनाव को खत्म करने और शांति वार्ता के लिए बहुत अहम मानी जा रही है। पाकिस्तान इस पूरी बातचीत में एक मध्यस्थ की भूमिका निभा रहा है।
ईरान और अमेरिका के बीच क्या बातचीत होगी?
ईरान के विदेश मंत्री Seyed Abbas Araghchi ने इस्लामाबाद, मस्कट और मॉस्को का दौरा करने का फैसला किया है। उनका मुख्य मकसद क्षेत्रीय मुद्दों पर चर्चा करना और अमेरिका के साथ पुराने विवादों को सुलझाना है। पाकिस्तान के विदेश मंत्री Mohammad Ishaq Dar और आर्मी चीफ Field Marshal Asim Munir ने भी इस संबंध में फोन पर बातचीत की है। दोनों देशों के बीच शांति बहाल करने के लिए यह दूसरी बड़ी कोशिश है।
अमेरिका की क्या तैयारी है और कौन आ रहा है?
व्हाइट हाउस ने पुष्टि की है कि राष्ट्रपति Donald Trump शांति वार्ता के लिए अपने विशेष दूत Steve Witkoff और Jared Kushner को शनिवार, 25 अप्रैल को पाकिस्तान भेज रहे हैं। अमेरिका की सुरक्षा और लॉजिस्टिक्स टीमें पहले ही इस्लामाबाद पहुँच चुकी हैं ताकि बातचीत की प्रक्रिया आसान हो सके। अमेरिका ईरान की तरफ से शांति प्रस्ताव सुनने के लिए तैयार है, जिसके लिए पाकिस्तान बीच का रास्ता निकाल रहा है।
इस्लामाबाद में सुरक्षा के क्या इंतजाम हैं?
वार्ता की खबरों के बाद इस्लामाबाद के रेड ज़ोन में सुरक्षा कड़ी कर दी गई है। कई सड़कों को बंद किया गया है और चेकपोस्ट बनाए गए हैं। हालांकि, पाकिस्तान की सैन्य विंग ISPR ने साफ किया है कि अमेरिकी टीम के पहुँचने का सटीक समय अभी तय नहीं हुआ है। इससे पहले 11 अप्रैल को भी बातचीत हुई थी, लेकिन उस समय कोई बड़ा नतीजा नहीं निकल पाया था।