पश्चिम एशिया और खाड़ी क्षेत्र में सुरक्षा की स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है. ऐसे में पाकिस्तानी मीडिया ARY News ने खबर दी है कि ईरान का एक प्रतिनिधिमंडल आज रात इस्लामाबाद पहुंच सकता है. इस दौरे का मुख्य मकसद क्षेत्र में सुरक्षा और युद्धविराम पर चर्चा करना है, ताकि तनाव को कम किया जा सके.
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ईरान और पाकिस्तान के बीच क्या बातचीत हुई?
ईरान के विदेश मंत्री Abbas Araqchi के नेतृत्व में यह प्रतिनिधिमंडल पाकिस्तान आ रहा है. इस दौरे से पहले विदेश मंत्री Araghchi ने पाकिस्तान के सेना प्रमुख Asim Munir और विदेश मंत्री Ishaq Dar से फोन पर विस्तार से बात की थी. पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने भी फोन पर हुई इस बातचीत की पुष्टि की है, जिसमें क्षेत्रीय विकास और युद्धविराम के मुद्दों पर चर्चा हुई थी.
अमेरिका की भूमिका और शांति वार्ता में क्या अड़चनें हैं?
खबरों के मुताबिक, अमेरिका की एक टीम पहले से ही इस्लामाबाद में मौजूद है ताकि ईरान और अमेरिका के बीच शांति वार्ता कराई जा सके. हालांकि, अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने कहा कि तेहरान में स्पष्ट नेतृत्व की कमी के कारण बातचीत रुकी हुई है. वहीं, अमेरिकी रक्षा सचिव Pete Hegseth ने साफ किया कि ईरानी जहाजों की नाकेबंदी तब तक जारी रहेगी जब तक खतरा खत्म नहीं हो जाता.
पिछले दौर की बातचीत और मुख्य विवाद क्या हैं?
इससे पहले 11 अप्रैल 2026 को भी एक ईरानी प्रतिनिधिमंडल इस्लामाबाद आया था, लेकिन 12 अप्रैल को बिना किसी समझौते के बातचीत खत्म हो गई थी. ईरान का कहना है कि अमेरिका की उकसावे वाली हरकतों और ईरानी जहाजों के खिलाफ आक्रामकता की वजह से कूटनीति में बाधा आ रही है. ISW थिंक टैंक के अनुसार, ईरान का यह रुख उसकी संप्रभुता और परमाणु कार्यक्रम से जुड़ा है.
