ईरान ने अमेरिका और इसराइल के हमलों से हुए नुकसान के लिए भारी मुआवज़े की मांग की है. इसके लिए ईरान ने संयुक्त राष्ट्र (UN) में एक आधिकारिक पत्र भेजा है, जिसमें सऊदी अरब, UAE, बहरीन, कतर और जॉर्डन जैसे 5 अरब देशों को भी ज़िम्मेदार ठहराया गया है. ईरान का कहना है कि इन देशों ने अपनी ज़मीन और संसाधनों का इस्तेमाल हमलों के लिए होने दिया जिससे उसे भारी नुकसान हुआ है.

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ईरान ने इन देशों से मुआवज़ा क्यों मांगा?

ईरान के यूएन दूत आमिर सईद इरावानी ने पत्र में कहा कि इन 5 अरब देशों ने अपने अंतरराष्ट्रीय दायित्वों का उल्लंघन किया है. ईरान का दावा है कि इन देशों ने अपनी सीमाओं, बुनियादी ढांचे और लॉजिस्टिक्स का इस्तेमाल अमेरिका और इसराइल द्वारा किए गए हमलों के लिए होने दिया. ईरान इसे अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत एक हमला मानता है और चाहता है कि ये सभी देश इस नुकसान की भरपाई करें.

नुकसान का आंकड़ा और बातचीत का क्या नतीजा रहा?

ईरान ने शुरुआती गणना में कुल नुकसान लगभग 270 बिलियन डॉलर बताया है. शांति बहाली के लिए पाकिस्तान के इस्लामाबाद में ईरान और अमेरिका के प्रतिनिधियों के बीच 21 घंटे तक लंबी बातचीत चली, लेकिन रविवार सुबह तक दोनों पक्षों के बीच कोई सहमति नहीं बन पाई. साथ ही, ईरान ने यूएन सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव 2817 को भी खारिज कर दिया है, जिसमें ईरान द्वारा किए गए हमलों की निंदा की गई थी.

विवरण जानकारी
मुआवज़े की मांग करने वाला देश ईरान
आरोपित अरब देश सऊदी अरब, UAE, कतर, बहरीन और जॉर्डन
मुख्य हमलावर अमेरिका और इसराइल
अनुमानित नुकसान 270 बिलियन डॉलर
मांग की तारीख 14 अप्रैल 2026
मध्यस्थ देश पाकिस्तान
Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.