ईरान ने संयुक्त राष्ट्र (UN) में एक औपचारिक पत्र भेजकर पांच अरब देशों से भारी मुआवजे की मांग की है। ईरान का आरोप है कि इन देशों ने अमेरिका और इसराइल को अपने खिलाफ हमले करने में मदद की। यह मामला ऐसे समय में सामने आया है जब क्षेत्र में तनाव कम करने के लिए राजनयिक प्रयास किए जा रहे हैं।

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किन देशों से मांगा गया मुआवज़ा और क्या है ईरान का दावा?

ईरान ने बहरीन, सऊदी अरब, कतर, संयुक्त अरब अमीरात (UAE) और जॉर्डन से हर्जाने की मांग की है। ईरान के UN प्रतिनिधि आमिर सईद इरावानी ने 13 अप्रैल 2026 को UN महासचिव एंटोनियो गुटेरेस को पत्र लिखकर यह मांग की। ईरान का कहना है कि इन देशों ने अंतरराष्ट्रीय नियमों का उल्लंघन किया और अमेरिका-इसराइल के हमलों को आसान बनाया। ईरान ने इसे अपने नागरिक ठिकानों पर हमला बताया है और अब वह सभी भौतिक और नैतिक नुकसान के लिए पूर्ण भुगतान चाहता है।

घटनाक्रम और महत्वपूर्ण तारीखें

तारीख घटना
28 फरवरी 2026 अमेरिका और इसराइल ने ईरान पर संयुक्त हमले किए
12 अप्रैल 2026 इस्लामाबाद में ईरान-अमेरिका वार्ता बिना किसी समझौते के खत्म हुई
13 अप्रैल 2026 ईरान ने UN को पत्र भेजकर पांच अरब देशों से मुआवजे की मांग की
पिछले हफ्ते क्षेत्र में तनाव के बाद दो हफ्ते के युद्धविराम (ceasefire) का ऐलान हुआ

अरब देशों की प्रतिक्रिया और मौजूदा स्थिति

जिन अरब देशों पर आरोप लगे हैं, उन्होंने इन दावों को पूरी तरह से खारिज कर दिया है। उनका कहना है कि उन्होंने अपनी ज़मीन या हवाई क्षेत्र का इस्तेमाल किसी भी हमले के लिए नहीं होने दिया। कतर ने ईरान से अपील की है कि वह पाकिस्तान की मध्यस्थता के जरिए विवाद खत्म करे और होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को फिर से खोले। वहीं, ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला सैयद मुजतबा खमेनी ने पश्चिम एशियाई देशों को चेतावनी दी है कि वे अमेरिकी सैन्य अड्डों को हटा दें क्योंकि इनसे अस्थिरता बढ़ती है।

Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.