ईरान के राष्ट्रीय सुरक्षा अधिकारी अली बघेरी कनी ने अमेरिका से अपने सभी फ्रीज यानी रोके गए पैसों को बिना किसी शर्त के वापस करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि यह पैसा ईरानी लोगों का कानूनी अधिकार है और इसे तुरंत वापस किया जाना चाहिए। अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे इस बड़े विवाद में दोनों देशों के अधिकारियों ने अपने-अपने कड़े रुख दिखाए हैं जिससे तनाव और बढ़ गया है।

ईरान ने अमेरिका के सामने क्या रखी हैं मांगें?

ईरानी अधिकारी अली बघेरी कनी ने रूसी समाचार एजेंसी RIA Novosti को दिए इंटरव्यू में साफ किया कि जब तक सभी मुद्दों पर सहमति नहीं बन जाती, तब तक किसी भी बात को फाइनल नहीं माना जाएगा। ईरान के लगभग 100 अरब से 120 अरब डॉलर अलग-अलग देशों जैसे दक्षिण कोरिया, इराक, चीन, जापान, लक्समबर्ग और भारत में फ्रीज हैं। ईरान इसमें से शुरुआत में 24 अरब डॉलर की रिहाई चाहता है, जिसमें से 12 अरब डॉलर समझौते की शुरुआत में मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।

स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज और यूरेनियम पर क्यों फंसा है पेंच?

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पहले ही साफ कर दिया है कि वह ईरान को किसी भी तरह की प्रतिबंधों में ढील देने के मूड में नहीं हैं। ट्रंप का कहना है कि ईरान के संवर्धित यूरेनियम स्टॉक को नष्ट करने के लिए अमेरिका भेजा जाना चाहिए या फिर किसी सुरक्षित स्थान पर नष्ट किया जाना चाहिए। दूसरी तरफ ईरान ने साफ कर दिया है कि यूरेनियम का मुद्दा बातचीत के दायरे से बाहर है। इसके साथ ही स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज में जहाजों के आने-जाने को लेकर ईरान और ओमान के बीच बातचीत चल रही है, जबकि अमेरिका ने ईरान की इस नई एजेंसी पर प्रतिबंध लगा दिए हैं।

Frequently Asked Questions (FAQs)

ईरान के कुल कितने पैसे विदेशों में फ्रीज हैं?

अनुमान के मुताबिक ईरान के लगभग 100 अरब से 120 अरब डॉलर अलग-अलग देशों में फ्रीज हैं। इसमें से ईरान अभी तुरंत लगभग 24 अरब डॉलर जारी करने की मांग कर रहा है।

स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज को लेकर अमेरिका और ईरान में क्या विवाद है?

ईरान इस समुद्री रास्ते पर अपना पूरा नियंत्रण चाहता है और उसने यातायात प्रबंधित करने के लिए नियम बनाए हैं, जबकि अमेरिका ने इस ईरानी एजेंसी पर प्रतिबंध लगा दिया है।

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.