ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची (Abbas Araghchi) ने साफ कर दिया है कि क्षेत्र में चल रहे युद्ध को खत्म करने के लिए उनकी कुछ अहम शर्तें हैं। एक अरबी अखबार Al-Araby Al-Jadeed को दिए गए इंटरव्यू में उन्होंने कहा कि जब तक हमलों को न दोहराने की गारंटी और हुए नुकसान का मुआवजा नहीं मिलता, तब तक शांति संभव नहीं है। ईरान ने साफ किया है कि उसकी लड़ाई मुख्य रूप से अमेरिका और इजराइल से है, पड़ोसी अरब देशों से नहीं।

ईरान की दो प्रमुख शर्तें क्या हैं?

अराघची ने युद्ध रोकने के लिए मुख्य रूप से दो बातों पर जोर दिया है। उनका कहना है कि अगर शांति चाहिए तो इन शर्तों को मानना ही होगा।

  • हमलों की गारंटी: अमेरिका और इजराइल को यह पक्का आश्वासन देना होगा कि भविष्य में ईरान पर कोई सैन्य हमला नहीं किया जाएगा।
  • नुकसान का मुआवजा: हाल ही में हुए 12 दिनों के युद्ध और हवाई हमलों में ईरान को जो भी आर्थिक और भौतिक नुकसान हुआ है, उसका पूरा हर्जाना देना होगा।

इसके अलावा विदेश मंत्री ने पुष्टि की है कि ईरान के नए सुप्रीम लीडर मुजतबा खामेनेई (Mojtaba Khamenei) पूरी तरह से स्वस्थ हैं और स्थिति को संभाल रहे हैं। परमाणु वार्ता पर भी उनका रुख साफ है कि बिना हर्जाने और सुरक्षा गारंटी के बातचीत आगे नहीं बढ़ सकती।

अमेरिका के ड्रोन और अरब देशों पर क्या बोले विदेश मंत्री?

विदेश मंत्री ने एक बहुत बड़ा दावा करते हुए कहा कि अमेरिका ने “Lucas” नाम का एक ऐसा ड्रोन बनाया है जो बिल्कुल ईरान के “Shahed” ड्रोन जैसा दिखता है। उन्होंने आरोप लगाया कि अमेरिका इस ड्रोन का इस्तेमाल अरब देशों पर हमला करने के लिए कर रहा है ताकि इसका इल्जाम सीधे तौर पर ईरान पर लगाया जा सके।

इस गलतफहमी को दूर करने के लिए ईरान ने खाड़ी देशों, खास तौर पर कतर, सऊदी अरब और ओमान के साथ मिलकर एक संयुक्त जांच समिति (Joint Investigative Committee) बनाने का प्रस्ताव रखा है। ईरान का कहना है कि उसकी सेना का निशाना सिर्फ अमेरिकी बेस हैं, वह जानबूझकर कभी भी रिहायशी इलाकों या पड़ोसी अरब देशों को निशाना नहीं बनाता।

Strait of Hormuz और व्यापार पर क्या असर पड़ेगा?

खाड़ी देशों में रहने वाले प्रवासियों और अंतरराष्ट्रीय व्यापार के लिए होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) बहुत महत्वपूर्ण है। ईरान ने स्पष्ट किया है कि यह समुद्री रास्ता अंतरराष्ट्रीय जहाजों के लिए खुला रहेगा, लेकिन इसके साथ एक सख्त नियम लागू किया गया है।

  • अमेरिकी जहाजों पर रोक: अमेरिका और उसके सहयोगी देशों के जहाजों को इस रास्ते से गुजरने की अनुमति नहीं होगी।
  • ऊर्जा ठिकानों पर चेतावनी: ईरान ने चेतावनी दी है कि अगर उसके ऊर्जा ठिकानों या खार्ग द्वीप (Kharg Island) पर कब्जा करने या हमला करने की कोशिश हुई, तो वह पूरे क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी कंपनियों के ठिकानों पर जवाबी कार्रवाई करेगा।
Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.