ईरान ने Strait of Hormuz को फिर से खोलने के लिए अमेरिका के सामने अपनी कड़ी शर्तें रख दी हैं। पाकिस्तान की मध्यस्थता के बाद ईरान ने युद्ध रोकने और सुरक्षा गारंटी देने की मांग की है। फरवरी से बंद इस समुद्री रास्ते की वजह से दुनिया भर का व्यापार बुरी तरह प्रभावित हो रहा है और हज़ारों जहाज़ इलाके में फंसे हुए हैं।

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ईरान ने अमेरिका के सामने क्या शर्तें रखी हैं?

ईरान ने अमेरिका द्वारा दिए गए शांति प्रस्ताव का जवाब देते हुए कई मांगें रखी हैं। ईरान चाहता है कि लेबनान समेत सभी मोर्चों पर युद्ध पूरी तरह खत्म हो। ईरान ने अपनी पोर्ट्स से नाकेबंदी हटाने और तेल से जुड़े सभी प्रतिबंधों को खत्म करने की बात कही है। साथ ही, ईरान ने यह साफ़ किया है कि वह Strait of Hormuz पर अपना नियंत्रण बनाए रखेगा।

फ्रांस, ब्रिटेन और अन्य देशों को ईरान की चेतावनी

ईरानी सेना के प्रवक्ता Mohammad Akraminia ने चेतावनी दी है कि जो देश अमेरिका के प्रतिबंधों को मानेंगे, उन्हें Strait of Hormuz से गुजरने में मुश्किलों का सामना करना पड़ेगा। वहीं, ईरान के डिप्टी विदेश मंत्री Kazem Gharibabadi ने कहा कि अगर फ्रांस या ब्रिटेन के युद्धपोत इस इलाके में तैनात किए गए, तो ईरान उनकी तुरंत और कड़ी प्रतिक्रिया देगा। ईरान ने इसे इस महत्वपूर्ण समुद्री रास्ते का सैन्यीकरण बताया है।

खाड़ी देशों और दुनिया पर इस संकट का क्या असर पड़ा?

28 फरवरी 2026 को अमेरिका और इसराइल के हमलों के बाद से Strait of Hormuz प्रभावी रूप से बंद है। इस वजह से अप्रैल के महीने में जहाजों की आवाजाही सामान्य से घटकर सिर्फ 5 प्रतिशत रह गई। आंकड़ों के मुताबिक, अब तक 1,550 से ज्यादा जहाज़ और 22,500 नाविक इलाके में फंसे हुए हैं। कतर के प्रधानमंत्री Sheikh Mohammed bin Abdulrahman Al Thani ने कहा कि इस रास्ते को दबाव बनाने के लिए इस्तेमाल करना संकट को और बढ़ाएगा। इस बीच, कतर के तट के पास एक कार्गो जहाज पर ड्रोन हमले की खबर भी आई है और UAE ने भी अपनी सीमा पर हमले के लिए ईरान को जिम्मेदार ठहराया है।

Frequently Asked Questions (FAQs)

Strait of Hormuz कब से बंद है और इसका असर क्या हुआ?

यह रास्ता 28 फरवरी 2026 को अमेरिका और इसराइल के हमलों के बाद बंद हुआ। इसकी वजह से 1,550 से ज्यादा जहाज़ फंसे हैं और वैश्विक व्यापार बुरी तरह प्रभावित हुआ है।

ईरान ने रास्ता खोलने के लिए क्या शर्तें मांगी हैं?

ईरान ने युद्ध को पूरी तरह खत्म करने, बंदरगाहों से नाकेबंदी हटाने, तेल प्रतिबंध हटाने और सुरक्षा की गारंटी देने की मांग की है।