Iran News: ईरान ने अमेरिका के सामने रखी बड़ी शर्तें, कहा- जब तक फंड और पाबंदियां नहीं हटेंगी, तब तक बंद रहेगा हॉर्मूज जलडमरूमध्य.

अंतरराष्ट्रीय राजनीति में इस समय तनाव काफी बढ़ गया है और अमेरिका तथा ईरान के बीच तनातनी लगातार गंभीर रूप लेती जा रही है। ईरान के एक बड़े अधिकारी ने हाल ही में अमेरिका के सामने अपनी कड़ी शर्तें रखी हैं और साफ कह दिया है कि जब तक उनके रोके गए पैसे वापस नहीं मिलते और हमले बंद नहीं होते, तब तक रास्ता नहीं खुलेगा। इस घटनाक्रम से पूरी दुनिया में खलबली मच गई है और आम लोगों के बीच भी इसकी चर्चा जोरों पर है क्योंकि इसका असर वैश्विक कारोबार पर पड़ सकता है।
ईरान की कड़ी शर्तें और हॉर्मूज जलडमरूमध्य का मुद्दा
11 अगस्त 2026 को ईरान के सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल के सचिव मोहम्मद बाकेर ज़ोल्घाद्र ने ईरान के सरकारी ब्रॉडकास्टर के माध्यम से अपनी बात रखी। उन्होंने साफ तौर पर कहा कि अमेरिका को ईरान के जमे हुए फंड को तुरंत रिलीज करना होगा और ईरान तथा उसके साथी देशों के खिलाफ चल रहे युद्ध को हमेशा के लिए खत्म करना होगा। इन बयानों को सबसे पहले SaudiNews50 ने रिपोर्ट किया था, जिससे यह साफ हो गया कि रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण Strait of Hormuz को दोबारा खोलने को लेकर ईरान का रुख अभी बहुत सख्त बना हुआ है।
मोहम्मद बाकेर ज़ोल्घाद्र ने बातचीत को आगे बढ़ाने के लिए कई ऐसी शर्तें रखीं जिन्हें बदला नहीं जा सकता। इन शर्तों में ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई और धमकियों को हमेशा के लिए रोकना, ईरानी बंदरगाहों पर लगी नाकाबंदी को हटाना, इलाके से अमेरिकी नौसेना और वायु सेना को पूरी तरह वापस बुलाना, युद्ध से हुए नुकसान का पूरा मुआवजा देना और सभी प्रतिबंधों को बिना शर्त वापस लेना शामिल है। इसके अलावा, ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने भी इन मांगों का समर्थन किया। उन्होंने जोर देकर कहा कि जब तक ये सारी जरूरतें पूरी नहीं हो जातीं, तब तक हॉर्मूज जलडमरूमध्य पूरी तरह बंद ही रहेगा।
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प का पलटवार
ईरान की इन सख्त मांगों के जवाब में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने भी अपनी तरफ से कड़ी मांगें रख दी हैं। राष्ट्रपति ट्रम्प ने मांग की है कि ईरान को पिछले 50 वर्षों के दौरान कई संघर्षों और सड़क किनारे हुए बम धमाकों में मारे गए अमेरिकी सैनिकों के परिवारों को मुआवजा देना चाहिए। उन्होंने विशेष रूप से साल 2000 में USS Cole पर हुए बम धमाके में मारे गए अमेरिकी नाविकों और इराक में जान गंवाने वाले अन्य अमेरिकी सैनिकों के परिवारों का जिक्र किया। राष्ट्रपति ट्रम्प ने अपने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे आने वाली किसी भी बातचीत में इन मांगों को जरूर शामिल करें।
इसके साथ ही, राष्ट्रपति ट्रम्प ने यह भी दावा किया कि अमेरिका का हॉर्मूज जलडमरूमध्य पर 100% नियंत्रण है और ईरान की धमकियों के बावजूद यह रास्ता इस समय खुला हुआ है। दोनों देशों की तरफ से आ रहे इन विरोधी बयानों के कारण इस अहम जलमार्ग को फिर से शुरू करने और तनाव को कम करने की चल रही कोशिशों में एक बड़ा गतिरोध पैदा हो गया है। दोनों पक्षों का रुख बहुत कड़ा होने की वजह से इस बात की संभावना बहुत कम दिख रही है कि इस जरूरी जलमार्ग को लेकर कोई तुरंत समझौता हो पाएगा, हालांकि मध्यस्थ दोनों पक्षों के बीच लगातार बातचीत कराने की कोशिश कर रहे हैं।