ईरान ने एक बार फिर खाड़ी देशों के साथ तनाव बढ़ा दिया है। ईरान के UN राजदूत अमीर सईद इरावानी ने सऊदी अरब, UAE, कतर, बहरीन और जॉर्डन से युद्ध में हुए नुकसान की भरपाई मांगी है। ईरान का कहना है कि इन देशों ने अंतरराष्ट्रीय नियमों का उल्लंघन किया है और उन्हें इस नुकसान का भुगतान करना होगा।

ईरान ने किन देशों से और क्यों मांगा मुआवज़ा?

ईरान ने सऊदी अरब, UAE, कतर, बहरीन और जॉर्डन से भौतिक और नैतिक नुकसान के लिए मुआवजे की मांग की है। UN राजदूत अमीर सईद इरावानी के मुताबिक, इन देशों ने अमेरिका और इसराइल के साथ मिलकर ईरान के खिलाफ युद्ध में हिस्सा लिया। ईरान का दावा है कि इन देशों ने अंतरराष्ट्रीय कानून तोड़ा है, इसलिए अब उन्हें पूरे नुकसान की भरपाई करनी चाहिए।

खाड़ी देशों का इस पर क्या कहना है?

दूसरी तरफ, खाड़ी देशों ने ईरान के इन दावों को पूरी तरह खारिज कर दिया है। कतर और UAE ने पहले ही कह दिया है कि असल में ईरान को उन्हें मुआवज़ा देना चाहिए क्योंकि ईरान ने उनके इलाकों पर हमले किए थे। सऊदी अरब और अन्य देशों ने एक साझा बयान जारी कर ईरान की हरकतों को अंतरराष्ट्रीय कानून और UN चार्टर का उल्लंघन बताया था।

विवाद और घटनाक्रम की पूरी जानकारी

तारीख प्रमुख घटना
28 फरवरी 2026 अमेरिका, इसराइल और ईरान के बीच युद्ध शुरू हुआ
19 मार्च 2026 ईरान ने पहली बार UAE और कतर से मुआवज़ा मांगा
22 मार्च 2026 ईरान ने जॉर्डन पर हमले में मदद करने का आरोप लगाया
25 मार्च 2026 सऊदी और अन्य अरब देशों ने ईरान के हमलों की निंदा की
8-9 अप्रैल 2026 कतर और UAE ने ईरान से मुआवज़े की मांग की
13 अप्रैल 2026 ईरान ने आधिकारिक तौर पर 5 देशों से मुआवज़े की मांग की