ईरान के न्यायपालिका प्रमुख Gholamhossein Mohseni Ejei ने एक बड़ा बयान दिया है. उन्होंने कहा कि अमेरिका और इसराइल ने जो सैन्य हमले किए हैं, उसका हर्जाना उन्हें भरना होगा. ईरान का कहना है कि इन देशों ने अंतरराष्ट्रीय कानूनों का उल्लंघन किया है और अब उन्हें सजा मिलनी चाहिए.

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ईरान ने अमेरिका और इसराइल से क्या मांगा?

ईरान के न्यायपालिका प्रमुख Ejei ने 18 अप्रैल 2026 को अधिकारियों के साथ एक मीटिंग में कहा कि अमेरिका और इसराइल को उनके हमलों के लिए जुर्माना देना होगा. उन्होंने आरोप लगाया कि इन देशों ने अस्पतालों, स्कूलों, यूनिवर्सिटी और रिहायशी घरों पर हमले किए, जिसमें बच्चे और आम नागरिक मारे गए. Ejei ने बताया कि यह सब 1949 के Geneva Conventions और युद्ध के नियमों के खिलाफ है.

किन 5 देशों से मांगा गया मुआवजा और क्यों?

ईरान के संयुक्त राष्ट्र राजदूत Amir Saeid Iravani ने 14 अप्रैल 2026 को UN महासचिव और सुरक्षा परिषद के अध्यक्ष को एक पत्र भेजा. इस पत्र में बहरीन, सऊदी अरब, कतर, UAE और जॉर्डन से मुआवजे की मांग की गई है. ईरान का दावा है कि इन पांचों देशों ने अपनी जमीन का इस्तेमाल अमेरिका और इसराइल को हमला करने के लिए करने दिया, इसलिए वे भी इस नुकसान के लिए जिम्मेदार हैं.

विवरण जानकारी
मुख्य मांग युद्ध के नुकसान का हर्जाना और सजा
मुख्य आरोपी United States (US) और Israeli regime
मुआवजा मांगने वाले देश Bahrain, Saudi Arabia, Qatar, UAE, Jordan
कानूनी आधार 1949 Geneva Conventions और अंतरराष्ट्रीय कानून
मुख्य अधिकारी Gholamhossein Mohseni Ejei और Amir Saeid Iravani
तारीखें 14 और 18 अप्रैल 2026
Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.