ईरान के विदेश मंत्रालय ने साफ किया है कि अमेरिका के साथ उनकी कोई सीधी बातचीत नहीं हुई है। ईरान के प्रवक्ता Esmaeil Baqaei ने 30 मार्च 2026 को मीडिया को बताया कि दोनों देशों के बीच संपर्क केवल तीसरे देशों और मध्यस्थों के ज़रिये भेजे गए संदेशों तक ही सीमित है। ईरान का मानना है कि अमेरिका की शर्तें और प्रस्ताव वास्तविकता से कोसों दूर हैं, इसलिए अभी सीधी बातचीत का कोई रास्ता नहीं दिख रहा है।

पाकिस्तान में हुई अहम बैठक और ईरान का रुख

क्षेत्र में तनाव को कम करने के लिए पाकिस्तान ने एक महत्वपूर्ण बैठक की मेज़बानी की है। इस बैठक में सऊदी अरब, तुर्की और मिस्र के विदेश मंत्री शामिल हुए। ईरान ने इस बैठक के बारे में अपनी स्थिति स्पष्ट की है:

  • पाकिस्तान में हुई यह बैठक उन देशों की अपनी पहल थी, ईरान इसमें शामिल नहीं हुआ था।
  • अमेरिका ने पाकिस्तान के माध्यम से ईरान को 15 पॉइंट का एक शांति प्रस्ताव भेजा है।
  • ईरान ने अमेरिकी दावों को अविश्वसनीय बताते हुए कहा कि अमेरिका बार-बार अपना रुख बदलता रहता है।
  • प्रवक्ता ने स्पष्ट किया कि ईरान अपनी शर्तों और तय फ्रेमवर्क के आधार पर ही बात करेगा।

सैन्य हलचल और क्षेत्र पर इसका असर

ईरान के संसद अध्यक्ष Mohammad Bagher Qalibaf ने इस कूटनीतिक कोशिश को केवल एक दिखावा बताया है। उनका कहना है कि मिडिल ईस्ट में 2,500 अमेरिकी मरीन सैनिकों की आमद के बाद यह बातचीत का माहौल बनाया जा रहा है। ईरान की तरफ से कड़े बयान जारी किए गए हैं:

  • ईरान ने चेतावनी दी है कि वे अपनी सुरक्षा के लिए किसी भी हद तक जाने को तैयार हैं।
  • Revolutionary Guard ने क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी ठिकानों को लेकर भी कड़ा रुख अपनाया है।
  • सऊदी अरब और अन्य पड़ोसी देश इस मामले में मध्यस्थ की भूमिका निभाकर युद्ध की स्थिति को टालना चाहते हैं।
  • अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने सैन्य अभियान जारी रखने की बात कही है, हालांकि उन्होंने बातचीत के रास्तों को खुला रखने का संकेत दिया है।
Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.