ईरान की सरकार और सेना ने साफ कर दिया है कि उनका अमेरिका के साथ किसी भी तरह का कोई समझौता या बातचीत नहीं चल रही है। ईरान के संसद अध्यक्ष Mohammad Bagher Ghalibaf और विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता Esmail Baghaei ने हाल ही में आई खबरों को पूरी तरह गलत बताया है। यह बयान तब आया है जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया था कि दोनों देशों के बीच बातचीत सकारात्मक दिशा में बढ़ रही है और इसी वजह से ईरान पर होने वाले कुछ हमलों को फिलहाल टाला गया है।

ईरान ने बातचीत से क्यों किया इनकार?

ईरान के अधिकारियों का कहना है कि वे अमेरिकी कूटनीति पर बिल्कुल भरोसा नहीं कर सकते क्योंकि पहले भी परमाणु समझौतों में उनके साथ धोखा हुआ है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने बताया कि पाकिस्तान जैसे देशों के माध्यम से अमेरिका के संदेश जरूर मिले हैं, लेकिन ईरान ने केवल अपनी पुरानी और तय शर्तों पर ही जवाब दिया है। संसद अध्यक्ष Ghalibaf ने इन खबरों को बाज़ार में तेल की कीमतों को गिराने और अमेरिका को मौजूदा मुश्किलों से बाहर निकालने की एक चाल बताया है। ईरान के सैन्य अधिकारियों ने भी मजाक उड़ाते हुए कहा कि अमेरिका केवल खुद से ही बातचीत कर रहा है और ईरान उनके साथ कोई समझौता नहीं करेगा।

अमेरिका का 15 सूत्रीय शांति प्रस्ताव और ईरान का रुख

खबरों के अनुसार, अमेरिका ने पाकिस्तान के जरिए ईरान को 15 बिंदुओं वाला एक शांति प्लान भेजा है। इस प्लान में मिडिल ईस्ट के विवाद को खत्म करने के लिए कुछ बड़ी शर्तें रखी गई हैं। ईरान ने अभी तक इन शर्तों पर कोई आधिकारिक सहमति नहीं जताई है।

मुख्य बिंदु विवरण
परमाणु कार्यक्रम अमेरिका चाहता है कि ईरान अपना परमाणु प्रोग्राम पूरी तरह बंद करे।
मध्यस्थ देश पाकिस्तान, मिस्र और तुर्की जैसे देश दोनों के बीच संदेश पहुंचा रहे हैं।
हॉर्मुज जलडमरूमध्य ईरान ने कहा है कि केवल नियमों का पालन करने वाले जहाजों को ही यहां से जाने देंगे।
सुप्रीम लीडर की भूमिका किसी भी बड़े फैसले के लिए नए सुप्रीम लीडर Mojtaba Khamenei की मंजूरी जरूरी है।
बाज़ार पर असर ईरान के मुताबिक बातचीत की खबरें केवल तेल बाज़ार को कंट्रोल करने के लिए फैलाई गई हैं।
Sushma Kumari

Shushma covers Stories Around Expats and Helpful Contents Related to Daily life of Public. She completed Mass Communication Degree From Makhan lal Chaturvedi College Bhopal and Has 3 years of Field Experience. Earlier She Worked with Jagran Media Patna Office and Now Working with GulfHindi.com