ईरान और अमेरिका के बीच तनाव एक बार फिर बढ़ गया है। पाकिस्तान में दोनों देशों के बीच शांति वार्ता होने की खबरें आ रही थीं, लेकिन ईरान ने अब इसे पूरी तरह गलत बताया है। यह सब ऐसे समय में हो रहा है जब दोनों देशों के बीच का सीजफायर भी खत्म होने वाला है और हालात काफी गंभीर नजर आ रहे हैं।

🚨: Israel Mossad का बड़ा खुलासा, 3 साल बाद बताया अपने ईरान एजेंट की मौत का सच

ईरान ने बातचीत से क्यों किया इनकार?

IRNA न्यूज़ एजेंसी ने 21 अप्रैल 2026 को एक डिप्लोमैटिक सोर्स के हवाले से बताया कि ईरान ने अमेरिका के साथ बातचीत के लिए पाकिस्तान में कोई प्रतिनिधिमंडल नहीं भेजा है। ईरान के संसद स्पीकर Mohammad Bagher Ghalibaf ने साफ़ कहा कि वे धमकियों के साये में बातचीत नहीं करेंगे। उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump पर बातचीत की मेज को सरेंडर की मेज बनाने का आरोप लगाया और चेतावनी दी कि ईरान ने मैदान में नए पत्ते खोलने की तैयारी कर ली है।

मौजूदा हालात और मुख्य बातें

इस पूरे मामले में कई ऐसी बातें सामने आई हैं जिससे पता चलता है कि स्थिति कितनी तनावपूर्ण है। पाकिस्तान के सूचना मंत्री Attaullah Tarar ने भी कहा कि उन्हें ईरान की तरफ से किसी प्रतिनिधिमंडल के आने की पुष्टि का इंतज़ार है। वहीं अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump ने संकेत दिए हैं कि सीजफायर को आगे बढ़ाना बहुत मुश्किल है।

मुख्य बिंदु ताज़ा अपडेट
सीजफायर की स्थिति 8 अप्रैल से शुरू हुआ दो हफ्ते का सीजफायर 21 या 22 अप्रैल को खत्म हो रहा है
Strait of Hormuz Tasnim न्यूज़ एजेंसी के मुताबिक हॉर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से बंद कर दिया गया है
जहाज की जब्ती अमेरिका ने ईरान का एक कंटेनर जहाज जब्त किया, जिसे ईरान ने समुद्री डकैती बताया है
ईरानी विदेश मंत्रालय स्पोक्सपर्सन Esmaeil Baqaei ने अमेरिका के भरोसे के लायक न होने की बात कही है
अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल उम्मीद है कि अमेरिका की ओर से उपराष्ट्रपति JD Vance बातचीत की अगुवाई करेंगे
अंतरराष्ट्रीय अपील ब्राजील और जर्मनी ने इस झगड़े को खत्म करने के लिए कूटनीतिक कोशिशों की मांग की है
Praggya Singh sabal

Journalist from Noida. Covering Delhi, NCR and National Updates.